मजीठा में चुनाव से ठीक पहले सनसनीखेज वारदात: पंजाब पुलिस के ASI जोगा सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या

मजीठा नगर परिषद चुनाव से 2 दिन पहले हिला देने वाली वारदात; पर्स-मोबाइल सुरक्षित होने से 'टारगेट किलिंग' का शक, कनाडाई बच्चों के सिर से उठा पिता का साया।

24 May 2026  |  101

 

अमृतसर/मजीठा: पंजाब के अमृतसर ग्रामीण के तहत आते मजीठा विधानसभा क्षेत्र में नगर परिषद चुनाव से ठीक पहले एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पंजाब पुलिस में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) जोगा सिंह की अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड ने न सिर्फ पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि चुनाव के ठीक पहले मजीठा की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

सुबह-सुबह ड्यूटी पर जाते समय हमजा मोड़ पर घेरा

मृतक एएसआई (ASI) जोगा सिंह अमृतसर पुलिस में कार्यरत थे और मजीठा के पास स्थित गांव घनीये के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार:

घटना का समय: एएसआई जोगा सिंह रोज की तरह रविवार सुबह करीब 5 बजे अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकले थे।

हमले का तरीका: जैसे ही वे फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर स्थित हमजा मोड़ के पास पहुंचे, पीछे से आए अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर फायरिंग शुरू कर दी।

मौके पर ही मौत: बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद करीब से चार गोलियां चलाईं, जो सीधे जोगा सिंह को लगीं। गोलियां लगते ही वे लूलहान होकर जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे बड़ी आसानी से मौके से फरार हो गए।

लूटपाट नहीं, सोची-समझी साजिश! परिवार ने उठाए सवाल

ASI जोगा सिंह (उम्र करीब 58 वर्ष) के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं और इस समय कनाडा में रह रहे हैं। इस अचानक आई त्रासदी के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

गाँव वालों और परिजनों ने बताया कि जोगा सिंह एक बेहद नेक दिल और ईमानदार पुलिस अधिकारी थे और उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौके पर जोगा सिंह का पर्स, मोबाइल और अन्य कीमती सामान वैसे ही पड़ा मिला, जिसे हमलावरों ने छुआ तक नहीं। लूटपाट न होने के कारण परिवार इसे एक सोची-समझी गहरी साजिश और 'टारगेट किलिंग' (Target Killing) बता रहा है।

26 मई को होना है मतदान; इलाके में दहशत और गुस्सा

मजीठा में 26 मई को नगर परिषद के चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव से ठीक दो दिन पहले पुलिस विभाग के ही एक अधिकारी की ऐसी बेरहमी से हत्या होने से स्थानीय लोगों में गहरा गुस्सा और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर खाकी वर्दी में तैनात पुलिस अधिकारी ही महफूज नहीं हैं, तो फिर आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा।

CCTV खंगाल रही है फोरेंसिक और टेक्निकल टीमें

वारदात की सूचना मिलते ही अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मजीठा पुलिस की भारी फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।

जांच की प्रगति:

फोरेंसिक (Forensic) और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की टीमें घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सबूत जुटा रही हैं।

हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाने के लिए पुलिस ने फतेहगढ़ चूड़ियां रोड और आस-पास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है।

पुलिस का बयान: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच हर संभावित एंगल (व्यक्तिगत दुश्मनी, आतंकी एंगल या चुनावी रंजिश) से की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि बहुत जल्द हमलावरों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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