विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत: एशियन गेम्स ट्रायल्स में शामिल होने की मिली इजाजत, बबीता फोगाट ने किया फैसले का स्वागत

WFI की चयन नीति को कोर्ट ने बताया 'भेदभावपूर्ण'; मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रहीं महिला पहलवानों के हक में अदालत का बड़ा फैसला।

24 May 2026  |  47

 

नई दिल्ली। भारतीय स्टार पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बहुत बड़ी कानूनी और नैतिक जीत मिली है। अदालत ने विनेश फोगाट को आगामी 30 और 31 मई को होने वाले एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) के चयन परीक्षणों (ट्रायल्स) में भाग लेने की सशर्त अनुमति दे दी है। इस फैसले का पूर्व पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने भी खुले दिल से स्वागत किया है।

WFI की नीतियों पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

दिल्ली हाई कोर्ट का यह ऐतिहासिक आदेश भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा विनेश को 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए अयोग्य घोषित करने के फैसले के बाद आया है।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने 22 मई को पारित अपने आदेश में महासंघ की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा:

"भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की चयन नीति भेदभावपूर्ण और बहिष्करणकारी है, क्योंकि इसमें मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के बाद खेल के मैदान में वापसी करने वाली प्रतिष्ठित और अनुभवी महिला खिलाड़ियों के लिए कोई विशेष विवेकाधिकार या छूट का प्रावधान नहीं रखा गया है।"

इसी आधार पर पीठ ने विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले आगामी चयन ट्रायल में भाग लेने का अधिकार सुरक्षित किया।

"अदालत से बड़ा कोई नहीं" — बबीता फोगाट

इस फैसले के आने के बाद विनेश फोगाट की चचेरी बहन, पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने अदालत के निर्णय की सराहना की। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए बबीता फोगाट ने कहा:

"मैं अदालत के फैसले को सहर्ष स्वीकार करती हूं, और अदालत का फैसला बिल्कुल सही है। मामला चाहे जो भी हो, अदालत अपना फैसला सुना चुकी है। इस देश में अदालत से बड़ा कोई नहीं है, इसलिए हम सभी को अदालत के फैसले का स्वागत करना चाहिए और न्यायपालिका को धन्यवाद देना चाहिए।"

विनेश के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

विनेश फोगाट पिछले लंबे समय से कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही हैं। मातृत्व अवकाश के बाद रिंग में वापसी की कोशिशों के बीच कुश्ती महासंघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंध ने उनके एशियन गेम्स के सपनों पर पानी फेर दिया था। लेकिन अब अदालत के इस रुख के बाद:

करियर को नई उड़ान: विनेश 30-31 मई को अपनी प्रतिभा को साबित कर एशियन गेम्स 2026 का टिकट पक्का कर सकती हैं।

महिला एथलीटों के लिए मिसाल: यह फैसला भविष्य में मातृत्व अवकाश के बाद लौटने वाली अन्य महिला खिलाड़ियों के लिए भी एक ढाल का काम करेगा।

खेल जगत के विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से भारतीय खेल प्रशासनों को अपनी नीतियों को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने की सीख मिलेगी। अब सभी की निगाहें 30 और 31 मई को होने वाले उन अखाड़ों पर टिकी होंगी, जहां विनेश एक बार फिर मैट पर अपना दम दिखाएंगी।

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