महायुद्ध टलने के संकेत: अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक डील तय!"अगले कुछ घंटों में मिलेगी अच्छी खबर"-मार्को रुबियो

कैचलाइन: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा— 'अगले कुछ घंटों में आ सकती है बड़ी खुशखबरी'; यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर अब भी सस्पेंस बरकरार।

24 May 2026  |  57

 

नई दिल्ली/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में पिछले काफी समय से जारी भारी तनाव और युद्ध के बाद अब दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक और बड़ा समझौता (Mega Deal) होने जा रहा है, जिससे न सिर्फ युद्ध रुकेगा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन मानी जाने वाली 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) भी फिर से खुल जाएगी।

इस संभावित महा-समझौते का पहला आधिकारिक संकेत भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिल्ली में दिया, जिसकी पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कर दी है।

दिल्ली से अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान: "अगले कुछ घंटों में मिलेगी अच्छी खबर"

चार दिन के आधिकारिक भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान वैश्विक सुरक्षा पर बात करते हुए रुबियो ने कहा:

"पिछले 48 घंटों में अमेरिका और ईरान की बातचीत में अप्रत्याशित प्रगति हुई है। इस सकारात्मक बदलाव से होर्मुज स्ट्रेट संकट का स्थाई समाधान निकल सकता है और अगले कुछ ही घंटों के भीतर ईरान को लेकर दुनिया को एक बहुत अच्छी खबर मिल सकती है।"

ट्रंप ने 'ट्रूथ सोशल' पर किया एलान: "डील फाइनल होने के करीब"

मार्को रुबियो के इस बयान से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' (Truth Social) पर इस संभावित डील की कूटनीतिक प्रगति को साझा किया था।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में साफ किया कि वॉशिंगटन और तेहरान एक बेहद महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जारी सैन्य संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बिना किसी बाधा के खोलने पर बातचीत अंतिम चरण में है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस समझौते के तहत दोनों देशों ने और क्या-क्या शर्तें स्वीकार की हैं।

यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर फंसा पेंच: दावों में विरोधाभास

इस समझौते के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हाईली एनरिच्ड (अत्यधिक संवर्धित) यूरेनियम को लेकर सस्पेंस और विरोधाभास की स्थिति बनी हुई है:

अमेरिकी मीडिया (The New York Times) का दावा: न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि ईरान सैद्धांतिक रूप से अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने या छोड़ने पर सहमत हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अगले 30 से 60 दिनों में विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी।

ईरान का इनकार (Reuters): दूसरी ओर, रॉयटर्स से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान में जो शुरुआती समझौता तैयार हो रहा है, उसमें परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा शामिल नहीं है। ईरान ने अपने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर भेजने पर कोई सहमति नहीं दी है।

IAEA का खतरनाक आंकड़ा: इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस समय ईरान के पास करीब 400 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार मौजूद है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, यूरेनियम का यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब माना जाता है।

ब्रिटेन की दोटूक: "बिना शर्त खोलना होगा होर्मुज स्ट्रेट"

इस बीच, इस संभावित शांति समझौते पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अमेरिका और ईरान के बीच हुई इस प्रगति का स्वागत किया। लेकिन साथ ही उन्होंने एक कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा:

"अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शर्त और बिना किसी रोक-टोक के पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोला जाना चाहिए। इसके साथ ही, वैश्विक सुरक्षा के मद्देनजर ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"

इस महा-समझौते पर पूरी दुनिया की सांसें टिकी हुई हैं, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति सुचारू होगी, जिससे दुनिया भर में मँडरा रहा ऊर्जा संकट और महंगाई का खतरा काफी हद तक टल सकता है।

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