NEET-UG 2026 विवाद: राहुल गांधी ने फिर मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा; बोले— 'जब तक सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनती, आंदोलन रहेगा जारी'

नीट पेपर लीक मामले पर सरकार बनाम विपक्ष; 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा और अगले साल से 'ऑनलाइन टेस्ट' की तैयारी।

24 May 2026  |  60

 

 

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को इस विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराई है। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक देश में पेपर लीक को रोकने के लिए पूरी तरह से फुलप्रूफ और सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक कांग्रेस पार्टी अपना देशव्यापी आंदोलन जारी रखेगी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर सरकार को घेरते हुए लिखा कि देश के लाखों युवा आज सड़कों पर हैं और 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री पूरी तरह चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय जिम्मेदारी से बचने का रास्ता खोज रही है।

देश भर में सड़कों पर उतरी NSUI, JPC जांच की मांग

राहुल गांधी का यह तीखा बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) नीट विवाद को लेकर देश के कोने-कोने में उग्र प्रदर्शन कर रही है। देश के कई प्रमुख शहरों में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह विफल रही है और देश की जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच और संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के गठन की मांग की है।

एनटीए का दावा: पूरा पेपर लीक नहीं हुआ, सिर्फ कुछ सवाल बाहर आए

बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस मामले पर संसदीय स्थायी समिति के सामने अपनी सफाई पेश की है। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने समिति को बताया कि परीक्षा का पूरा पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि केवल कुछ चुनिंदा सवाल ही परीक्षा से पहले बाहर आए थे।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कथित पेपर लीक एनटीए के मुख्य सिस्टम में किसी सेंधमारी के कारण नहीं हुआ है। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।

21 जून को री-एग्जाम; अगले साल से बड़े बदलाव की तैयारी

दोबारा होगी परीक्षा: केंद्र सरकार ने पेपर लीक के पुख्ता आरोपों के बाद 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। अब शिक्षा मंत्रालय के कड़े निर्देशों और अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे के बीच यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।

CBT फॉर्मेट पर विचार: भविष्य में ऐसी धांधलियों को हमेशा के लिए रोकने के लिए संसदीय स्थायी समिति में एक बड़े प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई है। प्रस्ताव के मुताबिक, अगले साल से नीट-यूजी परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर मोड के बजाय कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) फॉर्मेट यानी ऑनलाइन कराया जा सकता है।

विपक्ष का स्टैंड: कांग्रेस और सहयोगी दलों ने साफ कर दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब तक शिक्षा मंत्रालय नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करता, संसद से सड़क तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

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