परमाणु निरस्त्रीकरण की कोशिशों को महाझटका: बिना किसी नतीजे के खत्म हुआ NPT सम्मेलन, अमेरिका बोला—'ईरान पर आंखें मूंद रही है दुनिया'

न्यूयॉर्क में देशों की आपसी गुटबाजी की भेंट चढ़ी परमाणु अप्रसार संधि; उधर पश्चिम एशिया में लेबनान सरकार गिराने की फिराक में हिज्बुल्ला, वैश्विक सुरक्षा संकट गहराया।

25 May 2026  |  47

 

 

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने और निरस्त्रीकरण की कोशिशों को एक बार फिर बहुत बड़ा झटका लगा है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में आयोजित परमाणु अप्रसार संधि (NPT) समीक्षा सम्मेलन 2026 किसी भी अंतिम आम सहमति या साझा दस्तावेज के बिना ही समाप्त हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध और वैश्विक शक्तियों की आपसी गुटबाजी के कारण यह महत्वपूर्ण संधि बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच गई है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस विफलता पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। अमेरिका ने कुछ सदस्य देशों की कड़ी आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि वे वैश्विक परमाणु सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा पैदा किए जा रहे गंभीर खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं।

16 वर्षों से कोई ठोस नतीजा नहीं: अब 2031 का इंतजार

NPT सम्मेलन के अध्यक्ष डो हंग विएत ने पुष्टि की है कि देशों के बीच मतभेदों के कारण किसी भी अंतिम नीतिगत दस्तावेज पर मुहर नहीं लग सकी। इस विफलता ने संधि के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं:

लगातार तीसरी बार विफलता: हर 5 साल में होने वाला यह महा-सम्मेलन लगातार तीसरी बार बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुआ है।

16 साल का सूखा: पिछले 16 वर्षों से इस वैश्विक संधि के नियमों को मजबूत करने की हर कोशिश नाकाम साबित हुई है।

अगली बैठक 2031 में: संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इजुमी नाकामित्सु ने इस विफलता को वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। अब अगला समीक्षा सम्मेलन सीधे 5 साल बाद, यानी 2031 में होगा।

ईरान के रवैये पर अमेरिका के कड़े तेवर

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान की संदिग्ध परमाणु गतिविधियों को लेकर दुनिया को आगाह किया है।

बिना नागरिक कारण के यूरेनियम संवर्धन: अमेरिका का आरोप है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। वह बिना किसी वैध नागरिक (जैसे चिकित्सा या बिजली) कारण के अपनी परमाणु गतिविधियों को तेज कर रहा है। अमेरिका ने दो टूक कहा कि यदि NPT को प्रासंगिक बनाए रखना है, तो नियम तोड़ने वालों को खुली छूट नहीं दी जा सकती।

लेबनान में हिज्बुल्ला का नया उपद्रव: सरकार गिराने की साजिश

इस परमाणु गतिरोध के बीच, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) से एक और परेशान करने वाली खबर आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने लेबनान संकट पर एक बेहद सख्त बयान जारी किया है:

लोकतांत्रिक सरकार पर खतरा: अमेरिका ने आतंकी संगठन हिज्बुल्ला द्वारा लेबनान की वैध और लोकतांत्रिक सरकार को गिराने की कोशिशों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

युद्धविराम को ठुकराया: रूबियो के मुताबिक, हिज्बुल्ला लगातार शांति और युद्धविराम के प्रस्तावों को खारिज कर रहा है। वह दक्षिणी लेबनान में लगातार हथियार और लड़ाके भेजकर इजराइल पर हमले तेज कर रहा है।

अमेरिका का रुख: अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह लेबनान की वैध सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और किसी भी आतंकी संगठन को पूरे देश को बंधक बनाने की इजाजत नहीं देगा।

वैश्विक सुरक्षा पर दोहरी मार

एक तरफ जहां यूएन में परमाणु सुरक्षा की कूटनीति फेल हो गई है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर हिज्बुल्ला और ईरान की आक्रामकता ने पूरी दुनिया को एक बड़े सुरक्षा संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

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