शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के महामुकाबले का बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को एलान किया कि 26 मई (मंगलवार) को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए सभी प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। इस बार चुनाव आधुनिक मशीनों के बजाय पारंपरिक मतपत्रों (Ballot Papers) और मतपेटियों के जरिए कराया जा रहा है।
राज्य चुनाव आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि लोकतंत्र के इस जमीनी उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है।
तीन चरणों में होगा मतदान: पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान के लिए पूरी प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजित किया है। मतदान का समय सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक तय किया गया है:
अधिसूचना जारी: 29 अप्रैल 2026
पहला चरण: 26 मई (1,293 ग्राम पंचायतों में मतदान)
दूसरा चरण: 28 मई
तीसरा चरण: 30 मई
नामांकन से निर्विरोध निर्वाचन तक का सफर (आंकड़ों में)
इस बार के पंचायत चुनाव में जनता के बीच भारी उत्साह देखने को मिला है। नामांकन से लेकर उम्मीदवारों की अंतिम सूची तक का पूरा गणित इस प्रकार है:
| चुनावी प्रक्रिया | उम्मीदवारों/पत्रों की संख्या |
|---|---|
| कुल दाखिल नामांकन | 86,204 (7, 8 और 11 मई को) |
| जांच में खारिज नामांकन | 742 (12 और 13 मई को) |
| निर्विरोध निर्वाचित घोषित | 10,854 उम्मीदवार (14-15 मई को नाम वापसी के बाद) |
इन 31,182 प्रमुख पदों के लिए छिड़ी है चुनावी जंग
इस त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव में राज्य के कुल 31,182 पदों पर प्रतिनिधियों को चुनने के लिए जनता वोट करेगी:
प्रधान पद: 3,754 पद
उप-प्रधान पद: 3,754 पद
ग्राम पंचायत सदस्य: 21,654 पद
पंचायत समिति सदस्य: 1,769 पद
जिला परिषद सदस्य: 251 पद
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: संवेदनशील केंद्रों पर पैनी नजर
शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने पूरे प्रदेश में 21,678 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। सुरक्षा और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
मतदान केंद्रों का वर्गीकरण:
कुल केंद्रों में से 16,539 को सामान्य, 3,554 को संवेदनशील और 1,585 को अति-संवेदनशील घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त, मतदाताओं की सुविधा के लिए हमीरपुर जिले में एक और कांगड़ा जिले में दो सहायक (Assistant) मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं।
इस पूरी चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 8,198 विशेषज्ञ मतदान दलों (Polling Teams) का गठन किया गया है, जो जमीन पर मुस्तैद हो चुके हैं। प्रशासन ने अपील की है कि सभी मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए भारी संख्या में पोलिंग बूथ्स पर पहुंचें।