एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। देश के सबसे प्रतिष्ठित 'पद्म पुरस्कार 2026' का भव्य आयोजन 25 मई को राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में किया गया। इस ऐतिहासिक और गरिमामयी समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस बार का नागरिक अलंकरण कार्यक्रम हिंदी सिनेमा के प्रेमियों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला रहा, जब बॉलीवुड के 'ही-मैन' कहे जाने वाले दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' से नवाजा गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपने स्वर्गीय पति की ओर से यह खास सम्मान लेने के लिए दिग्गज अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी मंच पर पहुँचीं। इस खास मौके पर दर्शक दीर्घा में उनकी बेटी अहाना देओल भी मौजूद रहीं।
राष्ट्रपति भवन में भावुक हुआ माहौल
बॉलीवुड में करीब छह दशक तक अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले धर्मेंद्र का योगदान भारतीय सिनेमा में अतुलनीय रहा है। सोमवार को जैसे ही मरणोपरांत उनके नाम का एलान हुआ, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन इस गौरवपूर्ण क्षण में हेमा मालिनी अपने पति को याद कर काफी भावुक नजर आईं। वहीं, सामने बैठीं उनकी बेटी अहाना देओल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और रो पड़ीं।
इस बेहद इमोशनल पल का वीडियो प्रेस इंफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) ने अपने ऑफिशियल 'एक्स' (ट्विटर) हैंडल पर शेयर किया है, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर फैंस का भी दिल भर आया है।
बीते साल हुआ था एक युग का अंत
गौरतलब है कि पिछले साल 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में धर्मेंद्र का निधन हो गया था। उनके जाने से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि देश-विदेश में फैले करोड़ों प्रशंसकों को गहरा सदमा लगा था और हिंदी सिनेमा के एक सुनहरे युग का अंत हो गया था। सरकार ने उनके इसी महान योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह सर्वोच्च सम्मान दिया है।
यादगार फिल्में जिन्होंने धर्मेंद्र को बनाया अमर:
शोले (Sholay)
मेरा गाँव मेरा देश (Mera Gaon Mera Desh)
चरस (Charas)
अपने (Apne)
इस साल 131 हस्तियों को मिला पद्म सम्मान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (25 जनवरी) को भारत सरकार द्वारा इस साल के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई थी। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में इन सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल हैं:
पद्म विभूषण: 05
पद्म भूषण: 13
पद्म श्री: 113
धर्मेंद्र भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन 'पद्म विभूषण' का यह सम्मान और दर्शकों के दिलों में उनकी यादें हमेशा अमर रहेंगी।