वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर के वाघोडिया रोड इलाके से मानवीय बेबसी और लाचारी की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। अत्यधिक गर्मी और शराब की लत के कारण जान गंवाने वाले एक शख्स के शव को उसकी पत्नी ने केवल इसलिए आग लगा दी, क्योंकि वह सड़ते हुए शव को देखकर बुरी तरह डर गई थी और सूचना के बावजूद कोई रिश्तेदार समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचा।
खुले प्लॉट की झोपड़ी में टूटा दुखों का पहाड़
मूल रूप से डभोई के बहरामपुरा गांव का रहने वाला महेश राठोडिया अपनी पत्नी जशोदाबेन के साथ वाघोडिया रोड पर डी-मार्ट के पीछे एक खाली प्लॉट में झोपड़ी बनाकर रहता था। वह कबाड़ बेचकर अपना गुजारा करता था। अत्यधिक गर्मी और शराब की लत के चलते अचानक महेश की मौत हो गई।
पति की मौत के बाद बदहवास जशोदाबेन ने तुरंत अपने रिश्तेदारों को इस बात की सूचना दी। वह पूरे दिन और देर रात तक इस आस में बैठी रही कि कोई आएगा और अंतिम संस्कार में मदद करेगा, लेकिन कोई भी रिश्तेदार आगे नहीं आया।
गर्मी में सड़ने लगी लाश, बेबस पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम
मई की इस भीषण गर्मी के कारण कुछ ही घंटों में महेश का शव सड़ने लगा और उसमें से असहनीय दुर्गंध आने लगी। हद तो तब हो गई जब शव के मुंह से कीड़े निकलने लगे।
इस भयानक और डरावने मंजर को देखकर अकेली जशोदाबेन बुरी तरह सहम गई। जब उसे मदद की कोई उम्मीद नहीं दिखी, तो घबराहट और बेबसी में उसने किसी से सलाह लिए बिना एक आत्मघाती कदम उठा लिया। उसने झोपड़ी के ठीक सामने अपने पति के शव पर एक कंबल डाला और उसे आग के हवाले कर दिया।
सुबह पहुंचे रिश्तेदार, अधजला शव देख उड़े होश
अगली सुबह जब मृतक की मां लक्ष्मीबेन और भतीजी विद्या कुछ अन्य रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंचीं, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। महेश का शव खुले में अधजली हालत में पड़ा हुआ था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रिश्तेदारों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और मानवीय गरिमा व रीति-रिवाज के अनुसार शव का उचित दाह संस्कार करवाया। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और घटना के पीछे की परिस्थितियों की आगे की जांच कर रही है।