मुंबई / दिल्ली। महाराष्ट्र में होने वाले आगामी विधान परिषद (MLC) की 17 सीटों के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ 'महायुति' गठबंधन के भीतर खींचतान चरम पर पहुंच गई है। गठबंधन के तीनों प्रमुख दलों— भारतीय जनता पार्टी (BJP), एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के बीच सीटों के गणित को लेकर तनातनी तेज है।
सीटों के बंटवारे पर बीजेपी के कड़े रुख से शिंदे खेमे में गहरी नाराजगी की खबरें हैं, जिसके बाद गतिरोध को सुलझाने के लिए मामला अब दिल्ली के 'हाईकमान' दरबार तक पहुंच गया है।
महायुति के भीतर सीटों का गणित और दावेदारी
इस चुनाव में गठबंधन के तीनों सहयोगी दल अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत के हिसाब से अधिकतम सीटों पर दावा ठोक रहे हैं:
| राजनीतिक दल | मांग / दावा | मुख्य आधार और रुख |
|---|---|---|
| भाजपा (BJP) | 12 सीटें | अपनी संगठनात्मक ताकत और पिछले दबदबे का हवाला देकर सबसे ज्यादा सीटों पर अड़ी है। |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 05 सीटें | पारंपरिक गढ़ों और 'गठबंधन धर्म' निभाने की दलील देते हुए अपनी मांग पर पूरी तरह कायम है। |
| राकांपा (NCP) | 03 सीटें | सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में क्षेत्रीय प्रभाव वाली सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी जता रही है। |
गुपचूप दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे, अमित शाह से लगाई गुहार
महाराष्ट्र बीजेपी नेताओं के रवैये और सीटों की संख्या को लेकर उपजी नाराजगी के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल ही में बेहद गोपनीय तरीके से दिल्ली का रुख किया। सूत्रों के अनुसार, शिंदे अकेले ही निजी विमान से दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान शिंदे ने साफ किया कि उनकी पार्टी हमेशा से गठबंधन धर्म का पालन करती आई है, इसलिए इस बार राजनीतिक ताकत के आधार पर शिवसेना को उचित प्रतिनिधित्व (कम से कम 5 सीटें) मिलना चाहिए। अमित शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, जिसके बाद अब इस सीट शेयरिंग का अंतिम फैसला दिल्ली स्तर से ही होने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया के सवालों पर भड़के शिंदे
इस राजनीतिक रस्साकशी का असर अब नेताओं के हाव-भाव पर भी दिखने लगा है। मुंबई में कैबिनेट की अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर लौट रहे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जब मीडियाकर्मियों ने घेर लिया, तो वे असहज हो गए।
आमतौर पर पत्रकारों से बेहद सहज और शांत तरीके से बात करने वाले शिंदे, विधान परिषद चुनाव और सीट शेयरिंग से जुड़े तीखे सवालों पर मीडिया पर ही भड़क गए। शुरुआत में उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया और आगे बढ़ गए, लेकिन बाद में मीडिया के भारी आग्रह पर बहुत संक्षिप्त बात की और सीट बंटवारे के विवादित मुद्दे पर कोई भी सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए।
बैठकें बेनतीजा, समाधान की तलाश जारी
इस बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट लेकर दिल्ली रवाना हो चुके हैं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा है कि सहयोगियों के बीच बातचीत जारी है और जल्द ही आपसी सहमति से सभी मुद्दों का समाधान निकाल लिया जाएगा। हालांकि, कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच हुई करीब 15 मिनट की बंद कमरे की चर्चा से भी फिलहाल कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है।