मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली क्षेत्र से समलैंगिक रिश्ते (Same-Sex Relationship) का एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बीकॉम की दो सहेलियां दुनिया और समाज की बंदिशों को दरकिनार कर एक-दूसरे के साथ शादी करने की जिद पर अड़ गईं। लड़कियों के इस कदम से परिवारों में हड़कंप मच गया और मामला खतौली कोतवाली तक जा पहुँचा, जहाँ दो दिनों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आखिरकार पुलिस की मौजूदगी में कुछ खास शर्तों के बाद मामला शांत हुआ।
शादी समारोह से शुरू हुई थी लव स्टोरी
जानकारी के मुताबिक, दोनों छात्राएं खतौली क्षेत्र के ही अलग-अलग गांवों की रहने वाली हैं। दोनों ने साथ में बीकॉम की पढ़ाई की है।
मुलाकात: करीब तीन साल पहले एक शादी समारोह के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई थी।
प्यार का परवान: यह मुलाकात पहले गहरी दोस्ती और फिर धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों ने दुनिया से छिपकर साथ जीने-मरने और भविष्य में एक-दूसरे के साथ ही जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया था।
घरवालों ने ढूंढा लड़का, तो खुला राज
दोनों लड़कियों के प्यार का राज तब खुला, जब उनके परिजनों ने बेटियों के बालिग होने पर उनके लिए लड़कों के रिश्ते देखने शुरू किए। दोनों ही छात्राएं हर बार शादी के प्रस्ताव को साफ ठुकरा देती थीं। जब घरवालों ने लगातार आ रहे इस इनकार की वजह जानने की कोशिश की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों बेटियों ने दो टूक कह दिया कि वे किसी लड़के से नहीं, बल्कि आपस में ही शादी करेंगी। इस बात को सुनते ही दोनों के परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ हो गए और घर में कलह शुरू हो गई।
कोतवाली में रात-दिन डटी रहीं छात्राएं
घर में बढ़ते मानसिक दबाव को देखकर सोमवार शाम यह पूरा मामला खतौली कोतवाली पहुंच गया।
कोतवाली का ड्रामा:
सोमवार रात को पुलिस ने दोनों लड़कियों और उनके परिवारों को समझा-बुझाकर किसी तरह घर भेज दिया था।
लेकिन मंगलवार सुबह सूरज निकलते ही दोनों छात्राएं दोबारा कोतवाली आ धमकीं। वे पुलिस के सामने ही एक-दूसरे के साथ रहने की जिद पर अड़ गईं।
शर्तों के साथ घर लौटने पर बनी सहमति
चूंकि मामला दो बालिग (Adult) लड़कियों के समलैंगिक रिश्ते से जुड़ा था, इसलिए पुलिस के लिए भी बल प्रयोग करना मुमकिन नहीं था। कोतवाली में कई घंटों तक पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में काउंसिलिंग और मान-मनौव्वल का दौर चला।
आखिरकार, बेटियों के अड़ियल रुख को देखते हुए परिजनों को झुकना पड़ा। दोनों छात्राओं ने अपने-अपने परिवारों के सामने कुछ कड़े नियम और शर्तें रखीं, जिन पर रजामंदी मिलने के बाद ही वे अपने-अपने घर लौटने को तैयार हुईं।
पुलिस का बयान: स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों लड़कियों को कानून और सामाजिक पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया गया है। फिलहाल वे आपसी सहमति से अपने परिजनों के साथ घर चली गई हैं। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि यदि भविष्य में दोनों परिवारों या लड़कियों के बीच दोबारा कोई विवाद या तनाव पैदा होता है, तो प्रशासन द्वारा उनकी प्रोफेशनल काउंसिलिंग करवाई जाएगी।