मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म 'डॉन 3' (Don 3) को लेकर विवादों और सुर्खियों में बने हुए हैं। फिल्म से अचानक एग्जिट करने और निर्माता फरहान अख्तर को 45 करोड़ रुपये की भरपाई न करने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी करते हुए उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से बैन करने के आदेश दिए हैं।
इस बीच, बॉलीवुड के सीनियर एक्टर चंकी पांडे ने रणवीर सिंह के मामले पर सीधे कुछ न कहते हुए अपने करियर का एक ऐसा ही चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। चंकी पांडे ने खुलासा किया है कि करियर के शुरुआती दिनों में वे भी इसी तरह के एक बड़े 'बैन' का शिकार हो चुके हैं, जहाँ बड़े स्टार्स तो बच निकले लेकिन नए होने के कारण वे फंस गए थे।
1987 में पहली ही फिल्म ‘आग ही आग’ के दौरान लगा था बैन
चंकी पांडे ने अपने एक्टिंग करियर की मुख्य शुरुआत साल 1987 में आई सुपरहिट फिल्म ‘आग ही आग’ से की थी। हाल ही में एक न्यूज वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने बताया कि इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया था।
क्या था पूरा मामला? चंकी पांडे ने बताया, "1987 में ‘आग ही आग’ की शूटिंग के दौरान अचानक पूरी फिल्म इंडस्ट्री हड़ताल पर चली गई थी। फेडरेशन की तरफ से किसी को भी शूटिंग जारी रखने की इजाजत नहीं थी। लेकिन फिल्म के निर्माता पहलाज निहलानी पूरी टीम के साथ पहले बेंगलुरु और फिर ऊटी में लगातार शूटिंग कर रहे थे।"
इंडस्ट्री के नियमों का उल्लंघन कर हड़ताल के बीच शूटिंग करने के कारण FWICE ने तुरंत एक्शन लिया और फिल्म की शूटिंग रुकवा कर चंकी पांडे समेत फिल्म से जुड़े लोगों पर बैन लगा दिया था।
"धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा बड़े स्टार थे, इसलिए बच गए..."
इस विवाद पर चंकी पांडे ने इंडस्ट्री के दोहरे रवैये पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा भी मुख्य भूमिकाओं में थे।
बड़े स्टार्स पर कोई एक्शन नहीं: चंकी पांडे के मुताबिक, "धर्मेंद्र जी और शत्रुघ्न सिन्हा जी इतने बड़े सुपरस्टार थे कि वे उस वक्त एक साथ 30-40 फिल्मों में काम कर रहे थे। फेडरेशन के लिए उन पर बैन लगाना व्यावहारिक रूप से मुमकिन ही नहीं था, क्योंकि इससे पूरी इंडस्ट्री ठप हो जाती।"
नए होने का भुगतना पड़ा खामियाजा: चंकी ने आगे कहा, "उस वक्त मैं फिल्म इंडस्ट्री में बिल्कुल नया था, यहाँ तक कि मेरी पहली फिल्म रिलीज भी नहीं हुई थी। इसलिए सारा ठीकरा मुझ पर फूटा और मुझ पर एक हफ्ते का बैन लगा दिया गया। बाद में मैंने इस मामले में माफी मांगी, जिसके बाद हफ्ते भर में मेरा बैन हटा लिया गया।"
रणवीर सिंह के मामले पर टिकीं नजरें
चंकी पांडे का यह किस्सा याद दिलाता है कि फिल्म इंडस्ट्री और फेडरेशन के कड़े नियम सालों पुराने हैं। जहाँ सालों पहले चंकी पांडे ने माफी मांगकर अपना बैन हटवा लिया था, वहीं अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह और FWICE के बीच का यह 45 करोड़ रुपये का विवाद क्या मोड़ लेता है और रणवीर इस 'नॉन-कोऑपरेशन' डायरेक्टिव से बाहर निकलने के लिए क्या कदम उठाते हैं।