डिजिटल इंडिया का नया कदम: अब सिर्फ QR कोड स्कैन कर लैपटॉप-टैबलेट पर चलेगा सुपरफास्ट PM WANI वाई-फाई

लंबे लॉगिन पेज और OTP के झंझट से मिलेगा छुटकारा; रेलवे स्टेशन और मॉल्स के लिए आएंगे 15 मिनट वाले छोटे इंटरनेट प्लान्स।

27 May 2026  |  60

 

 

नई दिल्ली। देश में सस्ते और सुलभ इंटरनेट के दायरे को बढ़ाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने 'प्राइम मिनिस्टर वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस' यानी PM-WANI योजना में बड़े और क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। सरकार के इस कदम से अब आम यूजर्स को पब्लिक वाई-फाई कनेक्ट करने के लिए लंबे लॉगिन पेज भरने या बार-बार ओटीपी (OTP) का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। अब आप अपने स्मार्टफोन से सिर्फ एक QR Code स्कैन करके अपने लैपटॉप या टैबलेट जैसे सेकेंडरी डिवाइसेज में सीधे इंटरनेट एक्सेस कर पाएंगे।

PM-WANI क्या है और कैसे काम करता है?

पीएम-वानी (PM-WANI) का पूरा नाम प्राइम मिनिस्टर वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस है। इसे सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत देश भर में किफायती पब्लिक इंटरनेट का जाल बिछाने के लिए शुरू किया गया था।

इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को महंगे मोबाइल डेटा या ब्रॉडबैंड पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय सार्वजनिक स्थानों पर सस्ता इंटरनेट देना है।

यह पूरा इकोसिस्टम लोकल पब्लिक डेटा ऑफिस (PDOs), ऐप प्रोवाइडर्स और वाई-फाई ऑपरेटर्स के एक मजबूत नेटवर्क के जरिए काम करता है।

पहले और अब में क्या बदला? (प्रमुख बदलाव)

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस के तहत पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है:

QR कोड आधारित ऑथेंटिकेशन: पहले लैपटॉप या टैबलेट को पब्लिक वाई-फाई से जोड़ने के लिए लंबी क्रेडेंशियल एंट्री करनी पड़ती थी। अब फोन के ऑथेंटिकेटेड ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करते ही दूसरा डिवाइस तुरंत कनेक्ट हो जाएगा।

सैशे-स्टाइल इंटरनेट प्लान्स (Sachet-Style Plans): जेब पर बोझ कम करने के लिए सरकार अब बेहद छोटे और कम समय वाले डेटा प्लान्स पेश कर रही है। इसमें 15 मिनट, 30 मिनट और 60 मिनट के प्लान्स शामिल होंगे। यह उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होंगे जिन्हें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल, ट्रांजिट हब या कॉलेज कैंपस जैसी जगहों पर बहुत कम समय के लिए इंटरनेट की जरूरत होती है।

फर्जी नेटवर्क से मिलेगी सुरक्षा: भीड़भाड़ वाली जगहों पर अक्सर दर्जनों वाई-फाई नेटवर्क दिखते हैं, जिनमें से कई हैकर्स के फर्जी नेटवर्क भी हो सकते हैं। अब दूरसंचार विभाग PM-WANI की खास ब्रांडिंग के साथ हॉटस्पॉट के नामों को स्टैंडर्ड (मानकीकृत) बना रहा है, जिससे आप असली और भरोसेमंद सरकारी वाई-फाई नेटवर्क को आसानी से पहचान सकेंगे।

कब से लागू होंगे ये नए नियम?

दूरसंचार विभाग (DoT) ने इस योजना से जुड़े सभी हितधारकों (Stakeholders) को सर्कुलर जारी होने के 8 हफ्ते (दो महीने) के भीतर इन अपडेटेड गाइडलाइंस को पूरी तरह लागू करने का सख्त निर्देश दिया है।

लॉन्च टाइमलाइन: प्रशासनिक समयसीमा को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि क्यूआर कोड स्कैनिंग और छोटे डेटा प्लान्स वाले ये बेहतरीन फीचर्स जुलाई 2026 के आसपास पूरे देश के पब्लिक वाई-फाई इकोसिस्टम में लाइव हो जाएंगे।

निष्कर्ष: सरकार के इस फैसले से न केवल पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल सुरक्षित होगा, बल्कि छात्रों, कामकाजी पेशेवरों और यात्रियों के लिए चलते-फिरते इंटरनेट का उपयोग करना बेहद आसान और किफायती हो जाएगा।

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