महाराष्ट्र में सियासी घमासान: विधान परिषद की सभी 17 सीटों पर लड़ेगा MVA; कांग्रेस का भाजपा पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' का बड़ा आरोप

पार्षदों को 5-5 लाख एडवांस देने का दावा; 'ट्रिपल इंजन' सरकार में खींचतान; प्याज आंदोलन के दबाव में दिल्ली में आपात बैठक!

27 May 2026  |  54

 

 

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद (Legislative Council) चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। महाविकास अघाड़ी (MVA) ने अपनी चुनावी रणनीति साफ करते हुए घोषणा की है कि वह सभी 17 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इन सीटों में स्थानीय निकायों (Local Bodies) की 16 सीटें और नागपुर की एक उपचुनाव वाली सीट शामिल है, जिन पर 18 जून 2026 को मतदान होना है।

सीटों के बंटवारे को लेकर बुधवार को एमवीए के शीर्ष नेताओं के बीच पहले दौर की अहम चर्चा पूरी हो गई। इस बैठक में सुप्रिया सुले, शशिकांत शिंदे, अनिल परब, अंबादास दानवे और मिलिंद नार्वेकर जैसे कद्दावर नेता मौजूद रहे।

"भाजपा दे रही है 5 लाख रुपये एडवांस" - हर्षवर्धन सपकाल

बैठक के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मीडिया के सामने सत्ताधारी गठबंधन और विशेष रूप से भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। सपकाल ने कहा:

"भाजपा लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं रखती। विधान परिषद चुनाव जीतने के लिए पार्षदों की खुलेआम खरीद-फरोख्त (Horse Trading) की जा रही है। हमारे पास जानकारी है कि पार्षदों को अपनी तरफ करने के लिए 5-5 लाख रुपये का एडवांस दिया जा रहा है। लेकिन एमवीए लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी एकजुटता के साथ इस धनबल का मुकाबला करेगा।"

सपकाल ने साफ किया कि एमवीए के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है और अगले दो दिनों में अंतिम फॉर्मूला जनता के सामने रख दिया जाएगा। इसके विपरीत, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी 'ट्रिपल इंजन' सरकार (भाजपा, शिंदे गुट और अजीत पवार गुट) खुद आपसी खींचतान और असंतोष से जूझ रही है।

प्याज संकट पर सरकार को घेरा, दिल्ली में आपात बैठक

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नासिक के चांदवड़ में प्याज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर एमवीए द्वारा किए गए विशाल आंदोलन का जिक्र किया।

किसानों की मांग: किसान मांग कर रहे हैं कि प्याज का भाव ₹3,000 प्रति क्विंटल तय किया जाए।

सरकार पर दबाव: सपकाल ने दावा किया कि किसानों और एमवीए की इस एकजुटता से सरकार बुरी तरह घबरा गई है। इसी दबाव का नतीजा है कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ प्याज संकट को लेकर आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।

एमवीए की चेतावनी: हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र के मंत्रियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे दिल्ली की बैठक से खाली हाथ वापस न लौटें। सरकार को दिल्ली से किसानों के लिए ठोस आर्थिक मदद और प्याज की सही कीमत की गारंटी लेकर ही महाराष्ट्र आना होगा, अन्यथा आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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