अंबाला (हरियाणा)। शहजादपुर क्षेत्र के बिचपड़ी गांव में 23 मई को हुए खौफनाक तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर) में पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी अभिषेक ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस मुठभेड़ में घायल 22 वर्षीय आरोपी अभिषेक ने कबूल किया है कि उसने इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट 8 महीने पहले ही लिख दी थी। फिलहाल दोनों पैरों में गोली लगने के बाद जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में उसका इलाज चल रहा है, जहाँ उसकी हालत सामान्य है।
भाई की गालियों से भरा मन में जहर, ₹60 हजार में लाया था पिस्तौल
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि अभिषेक अपने बड़े भाई संदीप की रोज-रोज की गालियों और प्रताड़ना से बुरी तरह तंग आ चुका था। करीब एक साल पहले उसके मन में हत्या का विचार आया।
साजिश को अंजाम देने के लिए अभिषेक करीब 8 महीने पहले उत्तर प्रदेश से 60 हजार रुपये में एक .32 बोर की ऑटोमैटिक देसी पिस्तौल खरीद कर लाया था। इसके बाद उसने खुद ही सुनसान जगहों पर निशाना लगाकर गोली चलाने की ट्रेनिंग ली। 23 मई को जब उसने ट्रिगर दबाया, तो उसके निशाने इतने सटीक थे कि तीन जिंदगियां पल भर में खत्म हो गईं।
क्रूरता की हद: किस पर कितनी गोलियां दागीं?
भाई संदीप: 4 गोलियां चलाईं, 3 शरीर के पार हुईं।
चाचा महेंद्र: 3 गोलियां दागीं, 2 निशाने पर लगीं।
दादी इशरो देवी: महज 1 गोली मारकर मौके पर ही ढेर कर दिया।
चाची: 1 गोली मारी और उन्हें मृत समझकर भाग गया (फिलहाल चंडीगढ़-32 अस्पताल में गंभीर हालत में उपचाराधीन)।
हत्याकांड के पीछे जमीन का विवाद और पारिवारिक रंजिश
पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि उसका भाई संदीप बेहद लालची किस्म का था। संदीप की नजर अपने पिता सतबीर की 5 एकड़ जमीन के साथ-साथ चाचा महेंद्र की 4.5 एकड़ जमीन पर भी थी, क्योंकि चाचा की कोई संतान नहीं थी। संदीप चाहता था कि सारी जमीन उसके नाम हो जाए।
अभिषेक का आरोप है कि उसके चाचा-चाची भी संदीप का ही साथ देते थे। वहीं दादी इशरो देवी चाचा-चाची के साथ रहती थीं, इसलिए अभिषेक को शक था कि वे भी संदीप को उसके खिलाफ भड़काती हैं। दूसरी तरफ, संदीप को लगता था कि उसका पिता सारा पैसा छोटे भाई अभिषेक पर लुटा रहा है। इसी पारिवारिक कलह और शक के चलते अभिषेक ने पूरे परिवार को खत्म करने की ठान ली।
हिमाचल की पहाड़ियों में काटी रातें, फिर पुलिस एनकाउंटर में हुआ ढेर
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अभिषेक बाइक से कालाआंब और हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिप गया था। मंगलवार रात को जब वह नारायणगढ़ के पहाड़ीपुर गांव के पास देखा गया, तो पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा।
खुद को घिरता देख आरोपी बाइक छोड़कर भागने लगा और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करते हुए चार राउंड फायर किए, जिसमें दो गोलियां अभिषेक के दोनों पैरों में लगीं और वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली है।
प्रशासनिक वक्तव्य
"आरोपी अभिषेक करीब 7-8 महीने पहले यूपी से अवैध हथियार लेकर आया था। उसे डर था कि उसका भाई पिता और चाचा दोनों की जमीन हड़प लेगा। वारदात के बाद वह पहाड़ियों में छिपकर घूम रहा था। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मामले की आगे की कड़ियां जोड़ी जा सकें।"
— अजीत सिंह शेखावत, एसपी, अंबाला