ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति: दुनिया का हर 13वां देश अमेरिका के रडार पर, ओमान को दी 'बर्बाद' करने की धमकी

दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने 7 देशों पर किया हमला, क्यूबा पर हवाई हमले का खाका तैयार; ईरान से दोस्ती ओमान को पड़ी भारी।

28 May 2026  |  54

 

 

वाशिंगटन / मस्कट। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में व्हाइट हाउस की विदेश नीति बेहद आक्रामक और अप्रत्याशित रूप ले चुकी है। इस समय दुनिया का हर 13 में से एक देश किसी न किसी रूप में अमेरिका के निशाने पर है। इन देशों पर या तो पिछले एक साल में अमेरिकी सेना हमला कर चुकी है या फिर उन पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

इस कड़ी में ताजा नाम खाड़ी के महत्वपूर्ण देश ओमान का जुड़ गया है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे तौर पर 'पूरी तरह बर्बाद करने' की सख्त धमकी दी है। कभी ओमान को मध्य पूर्व में अमेरिका का बेहद करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, लेकिन बदले वैश्विक समीकरणों ने दोनों के बीच गहरी खाई पैदा कर दी है।

ओमान पर क्यों भड़के राष्ट्रपति ट्रंप?

ओमान और अमेरिका के बीच तनाव की मुख्य वजह ईरान के साथ ओमान की बढ़ती नजदीकियां हैं। इस विवाद के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:

ईरान युद्ध में तटस्थता: ईरान के साथ हुए युद्ध के दौरान ओमान ने अमेरिका का साथ नहीं दिया था। ओमान की भौगोलिक स्थिति 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) के दूसरे छोर पर है, और इस तटस्थता के कारण ईरान ने भी ओमान पर कोई हमला नहीं किया।

ईरान के साथ व्यापारिक समझौते: हाल ही में ओमान सरकार ने अपने अधिकारियों को ईरान के साथ व्यापार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

होर्मुज जलमार्ग पर नया प्रोटोकॉल: दोनों देश मिलकर होर्मुज जलमार्ग के लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं, जिसके तहत ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से 'पर्यावरण टैक्स' वसूलेगा। इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान और ओमान की यह जुगलबंदी अमेरिका को रास नहीं आ रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव बैकफुट पर दिख रहा है।

ट्रंप के रडार पर दुनिया के 15 देश

डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने के बाद से अब तक कुल 15 देश उनके निशाने पर आ चुके हैं। इनमें से कई देशों पर सीधी सैन्य कार्रवाई की जा चुकी है, तो कई देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनियां मिली हैं।

अमेरिकी कार्रवाई का सामना कर चुके देशअमेरिकी चेतावनी और रडार पर मौजूद देश

ईरान, इराक, नाइजीरिया, सोमालिया, सीरिया, वेनेजुएला और यमन।


 

(नोट: अमेरिका पिछले एक साल में ईरान पर दो बार सीधे हमले कर चुका है)

कनाडा, कोलंबिया, क्यूबा, ग्रीनलैंड (डेनमार्क का हिस्सा), मैक्सिको, पनामा, फिलिस्तीन और ओमान।

 

क्यूबा पर हवाई हमले की तैयारी में पेंटागन

पॉलिटिको मैगजीन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने क्यूबा पर हवाई हमले का एक पूरा प्लान तैयार कर लिया है। अमेरिकी सेना इस कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और यह रणनीतिक प्लान इस समय राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम मंजूरी (विचाराधीन) के लिए टेबल पर है।

बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को अमेरिका के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा बताया। रुबियो का तर्क था कि अमेरिकी मुख्य भूमि के बिल्कुल करीब स्थित क्यूबा इस वक्त राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद अस्थिर है, जिसके कारण खुद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। ट्रंप की हरी झंडी मिलते ही अमेरिकी वायुसेना क्यूबा पर बमबारी शुरू कर सकती है।

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