चंडीगढ़ / अमृतसर: पंजाब में हुए स्थानीय निकाय चुनावों (नगर निगम, नगर कौन्सिल और नगर पंचायत) के नतीजों और रुझानों ने राज्य की सियासत में एक नया इतिहास रच दिया है। इन चुनावों को वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले का 'सेमीफाइनल' माना जा रहा था, जिसमें सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने विपक्ष के तमाम हमलों और घेराबंदी को ध्वस्त करते हुए एकतरफा और जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
पंजाब की जनता ने पारंपरिक राजनीति को नकारते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और उनकी 'व्यवस्था परिवर्तन' की नीतियों पर अटूट भरोसा जताया है। जमीन पर दिखाई दे रहे पिछले चार साल के काम—जैसे 300 यूनिट मुफ्त बिजली, शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार, रोजगार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े एक्शन का सीधा असर आज मतपेटियों से साफ बाहर आ रहा है।
धूरी में ऐतिहासिक 'क्लीन स्वीप', विरोधियों के पैर उखड़े
इस चुनाव में सबसे बड़ी और एकतरफा जीत मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने गृह क्षेत्र धूरी से आई है, जहाँ आम आदमी पार्टी ने विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया है।
धूरी का नतीजा: धूरी नगर कौन्सिल की कुल 21 सीटों में से 20 सीटों पर 'आप' ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस नतीजे ने साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री के कामकाज से उनके गृह क्षेत्र के लोग पूरी तरह संतुष्ट हैं और उनका भरोसा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
गिद्दड़बाहा से नाभा तक: दिग्गजों के गढ़ों में 'झाड़ू' का दम
निकाय चुनावों के नतीजों ने पंजाब के कई बड़े राजनैतिक सूरमाओं के किलों को ढहा दिया है:
गिद्दड़बाहा का राजनैतिक संदेश: सबसे बड़ा उलटफेर गिद्दड़बाहा में देखने को मिला, जो पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहाँ 'आप' ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर कांग्रेस को केवल चुनावी मात नहीं दी, बल्कि एक बड़ा राजनैतिक संदेश भी दिया है।
हरियाना नगर काउंसिल: यहाँ 'आप' ने 11 में से 7 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा रेस में काफी पीछे छूट गए।
नाभा नगर कौन्सिल: यहाँ भी 'आप' का जनाधार तेजी से बढ़ता दिखा। विपक्ष के तमाम बड़े चेहरे, अकाली दल और भाजपा मिलकर भी 'आप' की इस लहर को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए।
2026 निकाय चुनाव: वार्डवार रुझानों में विरोधियों से कोसों आगे 'आप'
आज सुबह 8 बजे से जारी मतों की गिनती के बाद दोपहर तक सामने आई कुल वार्डों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| राजनैतिक दल | जीते / आगे चल रहे वार्ड | राजनैतिक स्थिति |
|---|---|---|
| आम आदमी पार्टी (AAP) | 436+ | भारी बहुमत के साथ नंबर-1 |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 162 | काफी पीछे, दूसरे स्थान के लिए संघर्ष |
| शिरोमणी अकाली दल (SAD) | 118 | तीसरे स्थान पर सिमटा |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 32 | शहरी इलाकों में भी बेअसर |
| निर्दलीय एवं अन्य | 163 | स्थानीय स्तर पर मजबूत |
परंपरागत दलों (कांग्रेस, अकाली, भाजपा) के लिए बड़ी चेतावनी
राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार, ये नतीजे पंजाब की तीन सबसे पुरानी पार्टियों—कांग्रेस, शिरोमणी अकाली दल और भाजपा के लिए एक बेहद गंभीर और अलार्मिंग चेतावनी हैं।
वजह साफ है: एक समय पंजाब की सत्ता पर दशकों तक राज करने वाले ये दल आज कई वार्डों और नगर कौन्सिलों में तीसरे और चौथे स्थान के लिए तरस रहे हैं। जनता के बीच यह संदेश पूरी तरह साफ हो चुका है कि सालों तक पंजाब को खोखला करने वाले परिवारवाद और कोरे वादों की राजनीति के दिन अब लद चुके हैं। पंजाब की जनता अब विकास, मुफ्त बुनियादी सुविधाओं और साफ-सुथरी प्रशासनिक व्यवस्था के एजेंडे को चुन चुकी है, जो 2027 की चुनावी राह को 'आप' के लिए और आसान बना रहा है।