पंजाब निकाय चुनाव: कहीं एक ही परिवार के तीन सदस्य जीते, तो कहीं 'टॉस और पर्ची' से चमकी किस्मत

दोराहा में पति-पत्नी और बेटे की 'तिगड़ी' ने रचा इतिहास, विधानसभा स्पीकर की सास भी विजयी; बटाला में 'आप' प्रमुख के भाई-बहन को लगा करारा झटका।

30 May 2026  |  71

 

 

चंडीगढ़: पंजाब में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाले रहे हैं। इन चुनावों में जहां कई सियासी परिवारों ने अपनी जमीनी पकड़ का लोहा मनवाते हुए जीत का परचम लहराया, वहीं कुछ रसूखदार राजनीतिक घरानों को करारी शिकस्त का स्वाद भी चखना पड़ा। इसके अलावा, सूबे के कुछ वार्डों में मुकाबला इस कदर बराबरी का रहा कि हार-जीत का फैसला चुनावी मैदान के बजाय किस्मत के सिक्कों और पर्चियों से हुआ।

एक ही घर में आईं तीन-तीन खुशियां

इन चुनावों में कई परिवारों ने एक साथ जीत दर्ज कर रिकॉर्ड कायम किया है:

दोराहा नगर कौंसिल: आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार सुदर्शन कुमार शर्मा ने लगातार सातवीं बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। दिलचस्प बात यह रही कि अलग-अलग वार्डों से किस्मत आजमा रहीं उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और बेटे अनमोल शर्मा ने भी शानदार जीत हासिल की।

कोटकपूरा: यहाँ भी एक ही परिवार की तिगड़ी ने कमाल किया। वार्ड नंबर 10 से 'आप' के स्वतंत्र जोशी जीते, जबकि वार्ड 11 से उनकी भाभी विजयप्रीत जोशी और वार्ड 16 से उनके बेटे एरन जोशी ने जीत का परचम लहराया।

मोहाली नगर निगम: यहाँ पति-पत्नी की जोड़ी ने बाजी मारी। वार्ड नंबर 4 से हरविंदर सिंह और वार्ड नंबर 3 से उनकी पत्नी गुरमीत कौर विजयी रहे।

बठिंडा नगर निगम: यहाँ पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संघवी की सास हरबंस कौर ने शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा बटोरी।

बटाला में 'आप' के कार्यकारी प्रधान के परिवार को झटका

जहाँ कई दिग्गजों के घर खुशियां आईं, वहीं बटाला में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रधान शैरी कलसी के परिवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। 'आप' के टिकट पर चुनाव लड़ रहे उनके भाई अमृत कलसी और बहन उत्तमजीत कौर को कांग्रेस उम्मीदवारों के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा।

जब 'टॉस' और 'पर्ची' ने तय किया उम्मीदवारों का भविष्य

मानसा जिले के दो वार्डों में कांटे की टक्कर के बाद जब वोट बराबर हो गए, तो विजेता का फैसला पारंपरिक लोकतांत्रिक तरीकों के बजाय भाग्य के भरोसे छोड़ना पड़ा:

जोगा नगर पंचायत (वार्ड-1): यहाँ दो उम्मीदवारों को बराबर 141-141 वोट मिले। इसके बाद सिक्का उछाला (टॉस किया) गया, जिसमें सीपीआई (CPI) की सुखजिंदर कौर भाग्यशाली रहीं और उन्हें विजेता घोषित किया गया।

बोहा नगर पंचायत (वार्ड-10): यहाँ दोनों प्रतिद्वंद्वियों को 256-256 वोट मिले। बराबरी के बाद डिब्बे से पर्ची निकाली गई, जिसमें शिरोमणि अकाली दल के गुरमीत सिंह का नाम निकला और वे विजयी घोषित हुए।

खास बात: पटवारी का जादुई 'विनिंग नंबर 65'

मोहाली नगर निगम के वार्ड नंबर 34 से एक अनोखा संयोग देखने को मिला। यहाँ से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुखदेव सिंह पटवारी ने 65 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। दिलचस्प बात यह है कि पिछले निगम चुनाव में भी उनकी जीत का अंतर ठीक 65 वोट ही था।

निष्कर्ष: पंजाब निकाय चुनाव के इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर जनता उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रभाव और पारिवारिक साख को काफी तवज्जो देती है, वहीं लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत क्या होती है, इसे मानसा के नतीजों ने बखूबी साबित कर दिया है।

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