'आतंकी देश' का ठप्पा हटाने को बेताब पाकिस्तान: छवि सुधारने के लिए अमेरिका में 10 करोड़ रुपये की 'लॉबिंग डील'

वॉशिंगटन की कंपनी को हर महीने मिलेंगे $50,000; व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सांसदों के बीच पाकिस्तान को 'भरोसेमंद पार्टनर' दिखाने की कवायद।

30 May 2026  |  31

 

 

 

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: वैश्विक मंच पर आतंकवाद के पनाहगार के रूप में अपनी पहचान बना चुका पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खराब छवि को चमकाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहा है। अपनी इस धूमिल छवि को सुधारने और सामरिक हितों को साधने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका का सहारा लिया है। इसके तहत वॉशिंगटन की एक प्रमुख अमेरिकी लॉबिंग फर्म के साथ 1.2 मिलियन डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये) का दो साल का एक बड़ा समझौता किया गया है।

इस बेहद महंगे कूटनीतिक सौदे का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सामने पाकिस्तान को एक 'भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार' और 'आतंकवाद-विरोधी देश' के रूप में पेश करना है, ताकि इस्लामाबाद पर सालों से लगे आतंकी देश के ठप्पे को कम किया जा सके।

हर महीने $50,000 की फीस, 1 मई से समझौता प्रभावी

आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने अमेरिका की नामचीन फर्म 'इरविन ग्रेव्स स्ट्रेटजी ग्रुप, एलएलसी' (Ervin Graves Strategy Group, LLC) को इस काम के लिए नियुक्त किया है।

डील की शर्तें: पाकिस्तान इस फर्म को हर महीने 50,000 डॉलर (लगभग 41 लाख रुपये) की भारी-भरकम मंथली फीस देगा।

हस्ताक्षरकर्ता: इस अनुबंध पर 'इरविन ग्रेव्स स्ट्रेटजी' के सीईओ टॉम ग्रेव्स और अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रिजवान सईद शेख ने हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुका है।

लॉबिंग फर्म का एजेंडा: बंद कमरों में बैठकों से लेकर स्वागत समारोह तक

इस समझौते के तहत अमेरिकी फर्म को सिर्फ पाकिस्तान की ब्रांडिंग ही नहीं करनी है, बल्कि अमेरिकी सत्ता के गलियारों में उसके लिए माहौल भी तैयार करना है। फर्म के मुख्य कार्यों में शामिल हैं:

हाई-लेवल मीटिंग्स: व्हाइट हाउस और पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) के शीर्ष अधिकारियों के साथ पाकिस्तानी अधिकारियों की उच्च-स्तरीय बैठकें आयोजित कराना।

सांसदों को प्रभावित करना: अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के सदस्यों और विशेष रूप से रक्षा, व्यापार व विदेश नीति की देखरेख करने वाली प्रमुख समितियों के चेयरमैन और सदस्यों को पाकिस्तान के पक्ष में प्रभावित करना।

रणनीतिक चर्चाएं: वॉशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास के भीतर अमेरिकी सांसदों, प्रमुख मंत्रालयों के कर्मचारियों और पाक अधिकारियों के बीच गोलमेज सम्मेलन (Roundtable discussions) और बंद दरवाजों के पीछे नीतिगत चर्चाएं आयोजित करना।

अमेरिकी सांसदों के पाकिस्तान दौरों की होगी 'स्क्रिप्टिंग'

यह लॉबिंग फर्म एक और महत्वपूर्ण रणनीति पर काम करेगी। जब भी कोई अमेरिकी सांसद या कांग्रेसी कर्मचारी पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर जाने वाला होगा, तो यह फर्म उनके रवाना होने से पहले ही उनके साथ बैठक करेगी। इस ब्रीफिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाकिस्तान की जमीन पर कदम रखने से पहले ही अमेरिकी डेलीगेशन के दिमाग में वहां के हालातों को लेकर पाकिस्तान के पक्ष वाली 'सोच' को स्थापित किया जा सके।

विशेष विश्लेषण: आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे पाकिस्तान द्वारा महज अपनी छवि सुधारने के लिए 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करना उसकी कूटनीतिक हताशा को दर्शाता है। अब देखना यह है कि क्या यह अमेरिकी लॉबिंग फर्म पाकिस्तान के दामन पर लगे आतंकवाद के गहरे दागों को धो पाएगी या यह करोड़ों रुपये भी बेनतीजा साबित होंगे।

अन्य खबरें