रिकॉर्ड तोड़ गेहूं खरीद: सरकार ने हासिल किया 35 मिलियन टन का ऐतिहासिक लक्ष्य, पंजाब और एमपी रहे आगे

रबी विपणन सत्र 2026-27 में सरकारी खरीद में 17 फीसदी का बंपर उछाल; घरेलू उत्पादन 120.65 मिलियन टन पहुंचने से मंडियों में दाम MSP से नीचे रहे।

03 Jun 2026  |  114

 

नई दिल्ली।

देश के अन्न भंडारण और खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। चालू रबी विपणन सत्र 2026-27 (Rabi Marketing Season 2026-27) में केंद्र सरकार की गेहूं खरीद में पिछले साल के मुकाबले 17 फीसदी का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस सीजन में सरकारी गेहूं की खरीद 35 मिलियन टन (MT) के आंकड़े को पार कर गई है, जिसने सरकार द्वारा तय किए गए 34.5 मिलियन टन के लक्ष्य को भी पीछे छोड़ दिया है।

गौरतलब है कि पिछले साल (सत्र 2025-26) में कुल 30 मिलियन टन गेहूं की ही खरीद हो सकी थी। देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीद की प्रक्रिया अब लगभग पूरी हो चुकी है।

क्यों हुई इतनी बंपर खरीद?

इस साल देश में गेहूं का कुल घरेलू उत्पादन 120.65 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। हालांकि, सीजन के बीच में कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को स्थानीय स्तर पर नुकसान जरूर पहुंचा था, लेकिन इसके बावजूद बंपर पैदावार पर कोई असर नहीं पड़ा। मजबूत घरेलू उत्पादन के चलते मंडियों में गेहूं के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे बने रहे, जिसके कारण किसानों ने अपनी फसल निजी व्यापारियों के बजाय सरकारी केंद्रों पर बेचना ज्यादा मुनासिब समझा।

भारतीय खाद्य निगम (FCI) और विभिन्न राज्य एजेंसियों द्वारा इस गेहूं की खरीद सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है, ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत देश के गरीब तबके को खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा सके।

गेहूं खरीद में राज्यों का प्रदर्शन: पंजाब नंबर-1, मध्य प्रदेश की लंबी छलांग

इस सीजन में देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों ने गेहूं खरीद में शानदार योगदान दिया है:

राज्यचालू सत्र (2026-27) में खरीदपिछले सत्र (2025-26) में खरीदस्थिति/बदलाव
पंजाब12.1 मिलियन टन11.9 मिलियन टनदेश में सबसे आगे रहा
मध्य प्रदेश10.4 मिलियन टन7.8 मिलियन टनसबसे बड़ी उछाल दर्ज की
हरियाणा8.1 मिलियन टन7.0 मिलियन टनउल्लेखनीय बढ़त
राजस्थान2.4 मिलियन टन1.9 मिलियन टनबेहतर प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश1.7 मिलियन टन1.0 मिलियन टनखरीद लगभग दोगुनी हुई

सत्र की अवधि और महत्व

आधिकारिक तौर पर गेहूं की सरकारी खरीद का यह सीजन हर साल अप्रैल से शुरू होकर अगले साल मार्च तक चलता है। लेकिन जमीनी स्तर पर, फसल कटाई के बाद के शुरुआती कुछ महीनों (अप्रैल से जून) के भीतर ही देश की कुल खरीद का अधिकांश हिस्सा (लगभग 90% से अधिक) पूरा कर लिया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल बंपर सरकारी खरीद से न केवल बफर स्टॉक (Buffer Stock) मजबूत होगा, बल्कि बाजार में गेहूं और आटे की कीमतों को नियंत्रित रखने में भी सरकार को बड़ी मदद मिलेगी।

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