जकार्ता में पंच लगाने को तैयार करनाल का 'गंगा', एशियन गेम्स अंडर-23 भारतीय टीम में चयन

ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में सोना जीतने वाले गंगा का अब मिशन जकार्ता; भाई निशांत देव की राह पर चलकर 2028 ओलंपिक का सपना किया बुलंद!

07 Jun 2026  |  190

 

 

करनाल।

हरियाणा की माटी ने देश को एक बार फिर ऐसा मुक्केबाज दिया है, जिस पर आज पूरा देश और विशेषकर करनाल जिला गर्व महसूस कर रहा है। करनाल के होनहार बॉक्सर गंगा का चयन इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में होने वाले 'एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप' के अंडर-23 आयु वर्ग के लिए भारतीय टीम में हुआ है। आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में गंगा 55 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगे।

गंगा की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे जिले में जश्न का माहौल है और सभी की नजरें अब जकार्ता में उनके पंच पर टिकी हैं।

जीत का 'इंटरनेशनल' तजुर्बा और कड़ा अभ्यास

गंगा रिंग में नए नहीं हैं; इंटरनेशनल लेवल पर वे पहले ही अपना लोहा मनवा चुके हैं। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अपनी इसी लय को बरकरार रखने के लिए गंगा पिछले चार वर्षों से बेंगलुरु के JSW स्पोर्ट्स सेंटर में उच्च स्तरीय और आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। गंगा का अंतिम लक्ष्य वर्ष 2028 के ओलंपिक में तिरंगा लहराना है।

"मैं जकार्ता में देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूँगा। मेरा लक्ष्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाना है।"

– गंगा, भारतीय मुक्केबाज

खून में है बॉक्सिंग: ओलंपियन भाई 'निशांत देव' हैं रोल मॉडल

गंगा की इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान है। गंगा के पिता विनोद कुमार ने गर्व से बताया कि देश का नाम रोशन कर चुके ओलंपियन बॉक्सर निशांत देव उनके भतीजे हैं। गंगा, निशांत को ही अपना आदर्श मानते हैं और उन्हें रिंग में खेलता देख ही गंगा के मन में मुक्केबाजी का जुनून जागा था।

निशांत भी अपने छोटे भाई का पूरा मार्गदर्शन करते हैं और समय-समय पर गंगा को बॉक्सिंग की बारीकियां, डाइट प्लान और मानसिक मजबूती के टिप्स देते रहते हैं।

पदकों से भरा है परिवार का आँगन

गंगा का परिवार खेल प्रतिभाओं की खान है। गंगा के छोटे भाई रुद्र भी पैरा-ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश के लिए अपनी अद्भुत क्षमता का परिचय दे चुके हैं। अब दो भाइयों की इस जोड़ी के बाद गंगा से देश को एशियन गेम्स में बड़ी उम्मीदें हैं।

गंगा का 'गोल्डन' सफर: उपलब्धियों पर एक नजर

गंगा का अब तक का करियर पदकों और स्वर्णिम सफलताओं से भरा रहा है:

वर्ष / प्रतियोगितास्थान / स्तरपदक
2019स्कूल नेशनल बॉक्सिंग (दमनदीव)कांस्य पदक (Bronze)
-यूथ हरियाणा बॉक्सिंग चैंपियनशिपदो बार स्वर्ण पदक (Gold)
-आरईसी (REC) ओपन चैंपियनशिप (बेंगलुरु)स्वर्ण पदक (Gold)
-सीनियर चैंपियनशिप (नेशनल)दो बार स्वर्ण पदक (Gold)
-ऑल इंडिया बॉक्सिंग चैंपियनशिपस्वर्ण पदक (Gold)
-यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिपस्वर्ण पदक (Gold)
-अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप (सर्बिया)स्वर्ण पदक (Gold)
-अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप (ऑस्ट्रेलिया)स्वर्ण पदक (Gold)
जुलाई 2026एशियन गेम्स (जकार्ता, इंडोनेशिया)भारतीय टीम में चयन (क्वालीफाई)

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