गाजियाबाद/रोहतक:
हरियाणवी लोक संगीत और रागिनी जगत से सोमवार सुबह एक बेहद स्तब्ध और दुखी करने वाली खबर सामने आई है। मंच पर अपनी बुलंद आवाज, हाजिरजवाबी और ठेठ अंदाज से लाखों दिलों पर राज करने वाले मशहूर रागिनी गायक पेप्सी शर्मा (यशपाल शर्मा) का महज 38 वर्ष की उम्र में अचानक निधन हो गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार (8 जून) की सुबह उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की वजह हार्ट अटैक (दिल का दौरा) बताई जा रही है।
मंच के बेताज बादशाह का यूँ चले जाना गहरा सदमा
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पतला गाँव से ताल्लुक रखने वाले पेप्सी शर्मा का असली नाम यशपाल शर्मा था। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में अपनी गायकी के जरिए लोक संस्कृति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी बेबाक शैली और लोक परंपराओं की गहरी समझ के चलते वे रागिनी प्रेमियों के बीच एक जाना-पहचाना नाम थे। इस दुखद खबर के आते ही सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने उनकी पुरानी स्टेज परफॉर्मेंस के वीडियो शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है।
सपना चौधरी के साथ जुगलबंदी और 'वो' ऐतिहासिक मुकाबला
पेप्सी शर्मा की लोकप्रियता का ग्राफ तब और ऊंचा हो गया जब उन्होंने हरियाणवी डांसिंग स्टार सपना चौधरी के साथ स्टेज साझा करना शुरू किया:
हिट स्टेज केमिस्ट्री: सपना चौधरी और पेप्सी शर्मा के बीच के रागिनी मुकाबले (कॉम्पिटिशन) देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ जुटती थी।
ऐतिहासिक मुकाबला: रागिनी प्रेमियों के बीच यह चर्चा बेहद मशहूर है कि एक बार एक कड़े मुकाबले में पेप्सी शर्मा ने अपनी गायकी और तर्कों से स्टार डांसर सपना चौधरी को भी मात दे दी थी। दोनों की स्टेज केमिस्ट्री और नोकझोंक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती थी।
छोटे पर्दे पर भी मनवाया लोहा: 'यह दिल है हिंदुस्तानी' का सफर
पेप्सी शर्मा सिर्फ ग्रामीण या क्षेत्रीय मंचों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने टीवी के मशहूर रियलिटी शो ‘यह दिल है हिंदुस्तानी’ में हिस्सा लिया था। इस शो में उनकी शानदार और विशुद्ध परफॉर्मेंस को जजों समेत देशभर के दर्शकों ने खूब सराहा था, जिससे हरियाणवी संस्कृति को नई पहचान मिली।
लोक संगीत की अपूरणीय क्षति
महज 38 साल की उम्र में यशपाल शर्मा उर्फ पेप्सी का इस तरह असमय चले जाना लोक संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। नई पीढ़ी तक रागिनी विधा को रोचक ढंग से पहुंचाने वाले इस कलाकार के निधन पर हरियाणा और यूपी के तमाम साथी कलाकारों, रागिनी प्रेमियों और राजनेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।