वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के बाद भड़के इस विवाद में दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। अमेरिका द्वारा ईरान के कई शहरों पर की गई ताबड़तोड़ बमबारी के जवाब में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमला किया है।
5 पॉइंट्स में समझिए: क्यों सुलग उठा अमेरिका-ईरान युद्ध?
1. होर्मुज में अपाचे क्रैश और ट्रंप का आरोप: मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हालांकि, दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि यह हेलीकॉप्टर ईरानी ड्रोन से टकराने के कारण क्रैश हुआ और ईरान ने इसे जानबूझकर मार गिराया है। दूसरी ओर, ईरान ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है।
2. अमेरिका की 'सेल्फ-डिफेंस' स्ट्राइक से दहला ईरान: हेलीकॉप्टर क्रैश को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हवाई हमले शुरू कर दिए। अमेरिका ने इसे 'सेल्फ-डिफेंस' की कार्रवाई करार दिया है। इस हमले में ईरान के प्रमुख तटीय और रणनीतिक क्षेत्रों— केशम द्वीप, होर्मुज, जास्क, सिरिक, बंदर अब्बास और बुशहर को निशाना बनाया गया है, जहां लगातार धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं।
3. ईरान का पलटवार, बहरीन में US फिफ्थ फ्लीट पर हमला: अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी मोर्चा खोल दिया है। ईरान ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना की 'फिफ्थ फ्लीट' (Fifth Fleet) को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। IRGC ने बयान जारी कर कहा है कि यह दुश्मन के हमलों का करारा जवाब है।
4. अप्रैल का सीजफायर पूरी तरह टूटा: अमेरिका और ईरान के बीच इसी साल अप्रैल महीने में एक सीजफायर (युद्धविराम) समझौता हुआ था। लेकिन हाल ही में इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों और उसके जवाब में ईरान द्वारा इजरायल को टारगेट किए जाने के बाद यह सीजफायर पूरी तरह से ढह चुका था, जिसकी अंतिम कसर इस ताजा विवाद ने पूरी कर दी।
5. ट्रंप की दो टूक— "दो हफ्ते में होगी पूर्ण जीत": इस भीषण सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के पास अब केवल समझौते का ही विकल्प बचा है और अंतिम समझौते तक ईरान की पूर्ण आर्थिक व सैन्य नाकाबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा, "हम अगले दो हफ्तों में ईरान पर पूर्ण जीत का एलान करेंगे।"
स्थिति बेहद नाजुक
इस ताजा सैन्य टकराव के बाद खाड़ी देशों समेत पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। कच्चे तेल के बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों ने तुरंत संयम नहीं बरता, तो यह टकराव एक पूर्ण वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं और दोनों सेनाएं हाई-अलर्ट पर हैं।