मानव तस्करी का खौफनाक नेटवर्क: यूपी की नाबालिग को मदद के नाम पर बनाया 'लुटेरी दुल्हन', CWC की सूझबूझ से हुआ भंडाफोड़

दिल्ली, जम्मू, मथुरा और राजस्थान तक फैला है जिस्मफरोशी और ब्लैकमेलिंग का अंतरराज्यीय गिरोह; एक फोन कॉल और 'सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट' से खुला रूह कंपा देने वाला सच।

10 Jun 2026  |  123

 

 

भरतपुर (राजस्थान)।

राजस्थान के भरतपुर जिले में बाल कल्याण समिति (CWC) की सतर्कता और सूझबूझ से मानव तस्करी (Human Trafficking), जिस्मफरोशी और 'लुटेरी दुल्हन' बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश से घरेलू हिंसा के कारण भागी एक नाबालिग बच्ची इस बेरहम नेटवर्क के जाल में फंस गई थी। दिल्ली, जम्मू और मथुरा होते हुए राजस्थान के भरतपुर पहुंची इस मासूम के साथ अलग-अलग शहरों में हुए सामूहिक दुष्कर्म और प्रताड़ना की एक बेहद चौंकाने वाली कहानी सामने आई है।

घरेलू कलह से भागकर दलदल में फंसी मासूम

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भुतौली ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के एक जिले की रहने वाली इस नाबालिग लड़की की मां की मृत्यु हो चुकी है। पिता द्वारा शराब पीकर रोजाना की जाने वाली मारपीट से तंग आकर उसने बीते 3 फरवरी को अपना घर छोड़ दिया था। पिता ने 5 फरवरी को यूपी के एक थाने में उसकी गुमशुदगी की प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई थी।

घर से भागकर बच्ची 4 फरवरी को दिल्ली पहुंची, जहां नौकरी तलाशने के दौरान उसे एक अज्ञात व्यक्ति मिला। उस व्यक्ति ने मदद का झांसा देकर उसे जम्मू में अपने एक परिचित के घर घरेलू काम के लिए भेज दिया। वहां तीन दिन काम करने के बाद जब मकान मालिक को पता चला कि लड़की घर से भागकर आई है, तो उसने पुलिस बुलाकर उसे सौंप दिया। इसके बाद जम्मू पुलिस ने उसे वहां की बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया, लेकिन बच्ची वहां से एक अन्य लड़की के साथ भाग निकली।

होटल में बंधक और मथुरा का नरक

जम्मू में शरण की तलाश में दोनों लड़कियां एक होटल पहुंचीं, जहां के मालिक ने पहले उन्हें बर्तन मांजने का काम दिया और फिर रात में उनसे जबरन जिस्मफरोशी कराने लगा। वहां से किसी तरह भागकर बच्ची दोबारा दिल्ली आई, जहां एक अन्य युवक उसे नौकरी दिलाने के बहाने मथुरा ले गया।

मथुरा में कैद और नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म: मथुरा में आरोपी युवक ने एक कमरा किराए पर लिया और बच्ची को वहीं कैद कर दिया। वह रोजाना उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाता और उसके साथ दुष्कर्म करता था। एक दिन आरोपी अपना मोबाइल कमरे में ही भूल गया, जिस पर आई एक फोन कॉल ने बच्ची की किस्मत बदल दी।

मदद का मुखौटा पहनकर गिरोह ने बनाया 'लुटेरी दुल्हन'

फ़ोन पर अंजलि नाम की एक महिला से बच्ची ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। अंजलि अपनी साथी चिंता देवी (37 वर्ष, मूल निवासी झारखंड) के साथ उस कमरे पर पहुंची। लेकिन उन्होंने पुलिस की मदद लेने के बजाय बच्ची को और बड़े दलदल में धकेल दिया। चिंता देवी उसे अलवर जिले के खेड़ली गंज ले आई और उसका नाम बदलकर 'नेहा' रख दिया।

ब्लैकमेलिंग और ठगी का खेल:

फर्जी शादी: चिंता देवी और उसके साथियों ने 'नेहा' की शादी एक युवक से करा दी और हिदायत दी कि वह 3 दिन बाद ससुराल के सारे गहने और नकदी लेकर भाग आए।

गुमशुदगी का नाटक: दूसरी तरफ, सोची-समझी साजिश के तहत चिंता देवी ने खुद 17 अप्रैल को खेड़ली मोड़ थाने में नेहा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

ससुराल वालों को धमकी: शादी के ठीक 3 दिन बाद गिरोह का एक सदस्य लड़की की ससुराल पहुंचा और परिजनों को 'नाबालिग से शादी और दुष्कर्म के आरोप में जेल भिजवाने' की धमकी देकर डराने लगा। गिरोह वहां से मोटी रकम वसूलने के साथ ही नाबालिग को वापस ले आया।

बाल कल्याण समिति की 'SIR' जांच से खुला राज

इसके बाद चिंता देवी पूरी योजना के तहत पुलिस के पास पहुंची कि "उसकी लापता बेटी मिल गई है।" पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर बालिका गृह भेज दिया। जब बाल कल्याण समिति ने बच्ची की काउंसलिंग की, तो समिति के सदस्यों को वह डरी हुई लगी और वह खुलकर सच नहीं बोल पा रही थी। इसी बीच चिंता देवी फर्जी दस्तावेज (पहचान पत्र व जन्म प्रमाण पत्र) लेकर CWC पहुंच गई और लड़की को अपनी बेटी बताते हुए सुपुर्दगी की मांग करने लगी।

शुरुआत में बच्ची ने डर के मारे वही कहानी सुनाई जो चिंता देवी ने उसे रटवाई थी। लेकिन गंभीर संदेह होने पर CWC अध्यक्ष राजाराम भूतौली ने समिति के जरिए उस पते की सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) कराई जो पुलिस और चिंता देवी ने दी थी। इस गोपनीय सामाजिक जांच से पते की सारी सच्चाई और फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

मुख्य आरोपी महिला गिरफ्तार, रैकेट की तलाश जारी

पहलूकार्रवाई और विवरण
CWC का एक्शनकड़ाई से पूछताछ में बच्ची के सच उगलने के बाद समिति ने तुरंत स्वतः संज्ञान लिया।
मामला दर्जथाना सेवर (भरतपुर) में आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई।
गिरफ्तारीपुलिस ने मुख्य आरोपी महिला चिंता देवी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे नारी निकेतन भेज दिया गया।
आगामी जांचमथुरा, भरतपुर और अलवर के बीच सक्रिय इस मानव तस्करी और ब्लैकमेलिंग रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस जुटी है।

 

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित नाबालिग को पूरी सुरक्षा के साथ सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उसकी चिकित्सा और मानसिक काउंसलिंग की जा रही है। बाल कल्याण समिति की इस त्वरित और वैज्ञानिक जांच प्रणाली की वजह से एक मासूम की जिंदगी और कई अन्य परिवारों को ठगे जाने से बचा लिया गया।

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