नई दिल्ली/बरेली:
दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की हालिया बैठक को लेकर मुस्लिम समाज के भीतर से बड़े विरोध के स्वर उठने लगे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस बैठक को लेकर बेहद सख्त और तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों के इस बड़े हुजूम में से मुसलमान पूरी तरह गायब थे और किसी भी काबिल-ए-जिक्र मुस्लिम पार्टी को इस बैठक का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।
एजेंडे से 'सांप्रदायिकता' शब्द भी गायब: मौलाना रजवी
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने गठबंधन की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा:
"जो लोग देश से सांप्रदायिकता को खत्म करने का दम भरते हैं, उन्होंने अपनी इस महत्वपूर्ण बैठक के एजेंडे और गुफ्तगू में 'सांप्रदायिक' जैसे बुनियादी शब्द का इस्तेमाल तक नहीं किया। जबकि आज के दौर में देश को भाईचारे और यकजहती (एकजुटता) की सबसे ज्यादा जरूरत है।"
अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप: तीन राज्यों में हार के लिए ठहराया जिम्मेदार
मौलाना ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व और विशेषकर राहुल गांधी को पुरानी याद दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार और भाजपा की सरकार बनने के पीछे अखिलेश यादव की नीतियां थीं।
मुस्लिम वोटों का बंटवारा: अखिलेश यादव ने जानबूझकर उन राज्यों के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सपा के प्रत्याशी खड़े किए, जिससे सीधे तौर पर कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचा।
गठबंधन धर्म का उल्लंघन: मौलाना ने सवाल उठाया कि उन तीन राज्यों के चुनावों के दौरान सपा प्रमुख ने गठबंधन का धर्म क्यों नहीं निभाया?
राहुल गांधी को 'कड़ी चेतावनी': भरोसा करने लायक नहीं हैं अखिलेश
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बरेलवी ने राहुल गांधी को एक बेहद निजी और राजनीतिक मशवरा दिया है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा:
"अखिलेश यादव भरोसा करने लायक व्यक्ति नहीं हैं। आगामी चुनाव के वक्त जब उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला लेने का समय आएगा, तब आप देखना कि सपा मुखिया किस तरह अपना रंग बदलते नजर आते हैं।"
AIMIM ने भी दिखाए तेवर: 'ओवैसी के बिना अधूरा है गठबंधन'
| बैठक की तारीख | शामिल दल | प्रमुख अनुपस्थिति | AIMIM का रुख |
|---|---|---|---|
| 8 जून (सोमवार) | कांग्रेस, सपा समेत 23 दल | असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) | ओवैसी के बिना कोई भी विपक्षी गठबंधन अधूरा है। |
दिल्ली की इस बैठक में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को न्योता नहीं दिया गया था, जिस पर यूपी AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने भी तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि मुसलमानों के बड़े नेतृत्व को दरकिनार करके भाजपा विरोधी कोई भी मोर्चा सफल नहीं हो सकता।
मौलाना रजवी और AIMIM के इन बयानों ने अब यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में इंडिया गठबंधन के भीतर 'मुस्लिम प्रतिनिधित्व' और 'अखिलेश-राहुल की केमिस्ट्री' को लेकर एक बड़ा घमासान देखने को मिल सकता है।