"तेरी महफिल में किस्मत आजमा कर हम भी देखेंगे..."
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब-जब 'मुगल-ए-आजम' का जिक्र होगा, तब-तब अनारकली की खूबसूरती के साथ-साथ 'बहार' के तीखे तेवर भी जेहन में तैर जाएंगे। यह किरदार निभाने वाली अदाकारा थीं—निगार सुल्ताना। एक ऐसी अभिनेत्री, जिनकी खूबसूरती की तुलना उस दौर में मधुबाला से होती थी और कुछ लोग तो उन्हें ऐश्वर्या राय से भी जुदा हुस्न की मल्लिका मानते थे। लेकिन परदे पर किस्मत आजमाने वाली इस हसीन अदाकारा की असल जिंदगी किसी त्रासदी से कम नहीं थी।
हैदराबाद की गलियों से बॉलीवुड का सफर: जब पिता के दोस्त ने पहचाना हुनर
हैदराबाद के एक संभ्रांत परिवार में जन्मी निगार सुल्ताना का बचपन नवाबों के शहर में बीता। स्कूल के एक नाटक ने उनके भीतर अभिनय की चिंगारी सुलगा दी थी। किस्मत ने करवट तब ली, जब उनके पिता के दोस्त और फिल्म निर्माता जगदीश सेठी की नजर उन पर पड़ी। जगदीश ने मोहन भवनानी के साथ मिलकर बन रही एक फिल्म में निगार को मौका दिया।
साल 1946 में फिल्म 'रंगभूमि' से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। हालांकि, उन्हें असली पहचान और बड़ा ब्रेक मिला शो-मैन राज कपूर की फिल्म 'आग' से, जिसने उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री का उभरता हुआ सितारा बना दिया।
'मुगल-ए-आजम' के सेट पर परवान चढ़ा इश्क, फिर मिला दगा
निगार सुल्ताना की जादुई खूबसूरती का जादू सिर्फ दर्शकों पर ही नहीं, बल्कि उस दौर के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के. आसिफ पर भी चल गया। के. आसिफ निगार के हुस्न और अदाकारी के इस कदर कायल हुए कि उन्होंने उनसे शादी कर ली। यह निगार की दूसरी शादी थी, और उन्हें उम्मीद थी कि यहाँ उन्हें ताउम्र का सुकूँ मिलेगा।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 'मुगल-ए-आजम' जैसी अमर कृति बनाने वाले के. आसिफ ने निगार को जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द दिया। निगार को भनक लगी कि उनके पति ने गुपचुप तरीके से ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार की बहन अख्तर से शादी कर ली है। इस धोखे ने निगार को झकझोर कर रख दिया। स्वाभिमानी निगार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार के. आसिफ से तलाक लेकर अपनी राहें हमेशा के लिए जुदा कर लीं।
बेटी की एक भूल और अंडरवर्ल्ड का 'मिर्ची' कनेक्शन
के. आसिफ से अलग होने के बाद भी निगार की जिंदगी के इम्तिहान खत्म नहीं हुए थे। निगार और के. आसिफ की एक बेटी थीं—हिना कौसर। हिना ने भी अपनी मां की तरह फिल्मों में हाथ आजमाया, लेकिन उनकी जिंदगी का एक फैसला निगार सुल्ताना के नाम के साथ हमेशा-हमेशा के लिए एक स्याह पन्ना जोड़ गया।
हिना कौसर ने अंडरवर्ल्ड डॉन और ड्रग माफिया इकबाल मेनन (उर्फ इकबाल मिर्ची) से शादी कर ली। इकबाल मिर्ची 1993 के मुंबई बम धमाकों का मुख्य आरोपी और वॉन्टेड अपराधी था।
जिस अदाकारा ने अपनी मखमली आवाज और बेमिसाल हुस्न से भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग को सजाया था, उसकी निजी जिंदगी का आखिरी अध्याय अंडरवर्ल्ड के काले साये और अकेलेपन की धुंध में खो गया। निगार सुल्ताना आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन 'मुगल-ए-आजम' की 'बहार' बनकर वो सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी।