मुंबई।
महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी उठापटक और बड़ी सेंधमारी की आहट सुनाई दे रही है। साल 2022 में जिस तरह एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में ऐतिहासिक बगावत को अंजाम दिया था, ठीक वैसा ही घटनाक्रम अब लोकसभा सांसदों के स्तर पर दोहराए जाने की अटकलें तेज हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के 9 में से 7 सांसद पाला बदलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, दोनों ही गुटों ने फिलहाल इस पर आधिकारिक चुप्पी साध रखी है और उद्धव गुट इसे कोरी अफवाह करार दे रहा है।
दिल्ली में 'गुप्त बैठक' और केंद्रीय मंत्री पद का ऑफर!
सियासी हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा 7 जून को दिल्ली में हुई एक कथित गुप्त बैठक की है। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव गुट के कुछ सांसदों के बीच दिल्ली में मैराथन बैठक हुई, जिसमें सांसदों को शिंदे गुट की तरफ से बड़े राजनीतिक प्रस्ताव दिए गए हैं।
कैबिनेट में जगह की चर्चा: आगामी केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं के बीच अटकलें हैं कि ठाकरे गुट के एक सांसद को केंद्र में मंत्री पद देने का आश्वासन दिया गया है।
अन्य सांसदों को बड़े पद: बाकी सांसदों को भी राज्य या संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और आकर्षक पदों का भरोसा दिया गया है।
अमित शाह से मुलाकात: दिल्ली दौरे के दौरान एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में उद्धव गुट के सांसदों से जुड़े संभावित घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई।
संजय दीना पाटिल और शिंदे की नजदीकी ने दी हवा
यह अटकलें हवाई नहीं हैं, बल्कि पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रम इस ओर इशारा कर रहे हैं। मुंबई उत्तर पूर्व सीट से उद्धव गुट के सांसद संजय दीना पाटिल की पत्नी पिछले दिनों बीमार थीं, तो खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उन्हें देखने अस्पताल पहुंचे थे। इसके बाद संजय पाटिल को शिंदे की गाड़ी में एक साथ सफर करते हुए भी देखा गया था।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे पिछले छह महीनों से ठाकरे गुट के सांसदों के लगातार संपर्क में हैं। इससे पहले दिल्ली में शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के सरकारी आवास पर भी इन सांसदों की बैठकों की चर्चा रही है।
सेंधमारी के रडार पर कौन? UBT के मौजूदा सांसदों का गणित
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के दो सांसदों को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी 7 सांसद शिंदे गुट के रडार पर हैं। उद्धव गुट के पास फिलहाल लोकसभा में ये 9 सांसद हैं:
| क्षेत्र | सांसद का नाम | स्थिति (अटकलों के अनुसार) |
|---|---|---|
| मुंबई दक्षिण | अरविंद सावंत | मुंबई के होने के कारण सुरक्षित माना जा रहा है |
| मुंबई दक्षिण मध्य | अनिल देसाई | मुंबई के होने के कारण सुरक्षित माना जा रहा है |
| मुंबई उत्तर पूर्व | संजय दिना पाटील | शिंदे गुट के संपर्क में होने की प्रबल चर्चा |
| यवतमाळ-वाशिम | संजय देशमुख | संपर्क में होने की अटकलें |
| हिंगोली | नागेश बापूराव पाटील आष्टीकर | संपर्क में होने की अटकलें |
| परभणी | संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव) | संपर्क में होने की अटकलें |
| नाशिक | राजाभाऊ वाजे | संपर्क में होने की अटकलें |
| शिर्डी | भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे | संपर्क में होने की अटकलें |
| उस्मानाबाद (धाराशिव) | ओमप्रकाश भूपालसिंह राजेनिंबाळकर | संपर्क में होने की अटकलें |
श्रीकांत शिंदे को भी मिल सकता है मंत्री पद
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह भी चर्चा है कि यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होता है, तो एकनाथ शिंदे के बेटे और कल्याण सीट से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि, इन सभी दावों और बैठकों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 'धुआं वहीं उठता है जहाँ आग लगी हो' की तर्ज पर महाराष्ट्र की राजनीति का पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है।