TMC के 19 बागी सांसदों का बड़ा कदम, लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी सूची, सामने आई बागी सांसदों की लिस्ट

संसद में ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका; यूसुफ पठान, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष समेत 19 सांसदों ने बगावत कर अलग गुट की मांग की।

12 Jun 2026  |  100

 

 

नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर लंबे समय से चल रहा असंतोष अब खुली बगावत में बदल चुका है। लोकसभा में टीएमसी के कुल 20 सांसदों में से 19 बागी सांसदों ने पार्टी से अलग होने का मन बना लिया है और 18 मई को आधिकारिक तौर पर अपने हस्ताक्षरित नामों की सूची लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) कार्यालय को सौंप दी है।

इस सामूहिक बगावत ने न सिर्फ कोलकाता से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि संसद में टीएमसी की ताकत को लगभग शून्य की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।

कानूनी चक्रव्यूह से पार: दल-बदल कानून बेअसर!

भारतीय राजनीति के जानकारों के मुताबिक, बागी गुट ने यह कदम बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत उठाया है। देश के कड़े 'दल-बदल विरोधी कानून' (Anti-Defection Law) के तहत अपनी सदस्यता बचाने के लिए किसी भी बागी खेमे को मूल पार्टी के कुल सांसदों का कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत चाहिए होता है।

आंकड़ों का खेल: लोकसभा में टीएमसी के कुल 20 सांसद हैं। कानूनन बगावत को मान्यता देने के लिए 14 सांसदों की जरूरत थी, लेकिन बागी खेमे ने 19 सांसदों का आंकड़ा जुटाकर इस कानूनी बाधा को पूरी तरह से पार कर लिया है। अब इन सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है, और इन्होंने स्पीकर से संसद में एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है।

बगावत करने वाले इन 19 सांसदों के नाम आए सामने

सूत्रों के हवाले से लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी गई सूची में पार्टी के कई कद्दावर नेताओं, पूर्व क्रिकेटरों और ग्लैमर जगत से जुड़ी हस्तियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है:

क्र.सं.सांसद का नामक्र.सं.सांसद का नाम
1.काकोली घोष दस्तीदार11.खलीलुर्रहमान
2.शताब्दी रॉय12.अबू ताहिर खान
3.बापी हलदर13.यूसुफ़ पठान
4.डॉ. शर्मिला सरकार14.मिताली बैग
5.प्रसून बंद्योपाध्याय15.माला रॉय
6.जगदीश बर्मा बसुनिया16.कालीपद सोरेन
7.असित कुमार मल17.दीपक अधिकारी (देव)
8.अरूप चक्रवर्ती18.जून मालिया
9.रचना बनर्जी19.पार्थ भौमिक
10.सायोनी घोष  

 

इस सूची में पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान, पार्टी की तेजतर्रार युवा नेता सायोनी घोष, और वरिष्ठ सांसद शताब्दी रॉयदीपक अधिकारी (देव) जैसे बड़े चेहरों का होना टीएमसी आलाकमान की रीढ़ तोड़ने जैसा है।

अब आगे क्या? सभी की निगाहें स्पीकर पर

इस बगावत के बाद संसद में टीएमसी के पास अब केवल एक सांसद रह गया है, जिससे सदन में पार्टी का वजूद लगभग खत्म होने की कगार पर है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह टूट केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार और आगामी चुनावों पर भी पड़ना तय है।

फिलहाल, देश की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस नए गुट को कब तक और किस रूप में मान्यता देते हैं, और यह बागी गुट अपनी नई राजनीतिक दिशा (किसी अन्य दल में विलय या नए दल का गठन) क्या तय करता है।

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