मस्कट/नई दिल्ली। ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज (कमर्शियल शिप) पर हुए भीषण हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस दुखद घटना में तीन भारतीय नागरिकों (नाविकों) की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि जहाज पर सवार अन्य 21 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद जहां एक तरफ ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इसे 'सशस्त्र डकैती' करार दिया है, वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने की पुरजोर अपील की है।
ईरान का तीखा पलटवार: "यह राजकीय समुद्री डकैती है"
इस हमले के बाद ईरान की ओर से बेहद कड़ी और आक्रामक प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस घटना को अमेरिका की निरंतर आक्रामक नीतियों का स्पष्ट प्रमाण बताया।
अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार: प्रवक्ता बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए इस कथित अमेरिकी हमले को 'सशस्त्र डकैती' (Armed Robbery) और 'राजकीय समुद्री डकैती' (State Piracy) का नाम दिया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील: ईरान ने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया है कि वह इस क्रूर हमले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को जवाबदेह ठहराए। इसके साथ ही ईरान ने पीड़ित भारतीय परिवारों और भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
भारत सरकार का रुख: "21 भारतीय सुरक्षित, 3 के शव बरामद"
भारत के विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज 'सेटेबेलो' (Settebello) पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित जानकारियां साझा कीं:
बचाव अभियान की स्थिति: घटना के समय जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। त्वरित कार्रवाई और राहत-बचाव कार्य के दौरान इनमें से 21 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दुर्भाग्यवश 3 भारतीय नाविकों की इस हमले में जान चली गई।
ओमान की राजधानी मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास पूरे हालात पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान के अंतिम चरणों में सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर बढ़ते हमलों से भारत चिंतित
भारत सरकार ने इस घटना को मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे व्यापक संघर्ष और अस्थिर सुरक्षा स्थिति से जोड़ते हुए गहरी चिंता जाहिर की है।
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापारिक मार्गों पर हो रहे ऐसे लगातार हमले वैश्विक वाणिज्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। भारत ने साफ किया कि यह स्थिति सीधे तौर पर क्षेत्र में चल रहे मौजूदा संघर्षों का नतीजा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने सभी पक्षों से युद्ध जैसे हालात और तनाव को तत्काल कम करने की अपनी अपील दोहराई है। भारत ने जोर देकर कहा कि पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए चल रही कूटनीतिक बातचीत को बिना किसी देरी के अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।