इतिहास का नया स्याह पन्ना: प्रथम विश्वयुद्ध से भी लंबा खिंचा रूस-यूक्रेन युद्ध, पूरे हुए 1,569 दिन

52 महीनों से जारी महाविनाश; खूनखराबा भले ही कम, पर समय के मामले में यूक्रेन युद्ध ने तोड़ा 112 साल पुराना रिकॉर्ड।

12 Jun 2026  |  88

 

 

कीव/मास्को। दुनिया इस समय एक बेहद खतरनाक और ऐतिहासिक दौर से गुजर रही है। फरवरी 2022 से शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब समय की दहलीज पार कर आधुनिक इतिहास का सबसे लंबा खिंचने वाला संघर्ष बन गया है। यह युद्ध अब 1,569 दिनों से लगातार जारी है, जिसके साथ ही इसने प्रथम विश्वयुद्ध (First World War) की कुल अवधि को भी पीछे छोड़ दिया है।

ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 1914 से नवंबर 1918 के बीच लड़ा गया प्रथम विश्वयुद्ध कुल 1,568 दिनों तक चला था। करीब 52 महीनों से जारी यूक्रेन युद्ध अब समय के लिहाज से उस महाविनाश से भी लंबा हो चुका है, जिसने कभी पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था।

दोनों विश्वयुद्धों और यूक्रेन युद्ध की ऐतिहासिक तुलना

इतिहास के पन्नों को पलटें तो दोनों विश्वयुद्धों की तुलना में यूक्रेन युद्ध की स्थिति कुछ इस प्रकार नजर आती है:

युद्धअवधिअनुमानित मौतेंमुख्य विशेषता
प्रथम विश्वयुद्ध1,568 दिन (1914 - 1918)2 करोड़ से अधिकरासायनिक हथियारों का खुलकर इस्तेमाल हुआ।
द्वितीय विश्वयुद्ध6 वर्ष (1939 - 1945)7 करोड़ से अधिकधरती का सबसे भीषण और खूनखराबे वाला युद्ध।
रूस-यूक्रेन युद्ध1,569 दिन और जारी10 लाख से कम (अनुमानित)आधुनिक तकनीक, ड्रोन और साइबर वॉरफेयर का दौर।

 

राहत की बात सिर्फ इतनी है कि दोनों विश्वयुद्धों की तुलना में यूक्रेन युद्ध में जनहानि (खूनखराबा) कम हुई है। हालांकि, युद्धरत दोनों देशों—रूस और यूक्रेन—पर अपनी वास्तविक सैन्य मौतों के आंकड़े छिपाने के आरोप लगते रहे हैं, फिर भी विशेषज्ञों का अनुमान है कि अब तक इस युद्ध में मरने वालों की संख्या 10 लाख से कम है।

क्रीमिया को अलग-थलग करने की यूक्रेन की नई रणनीति

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' के अनुसार, चार साल से चल रहे इस युद्ध में अब यूक्रेन ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। यूक्रेनी ड्रोन कमांडरों का पूरा ध्यान अब इस बात पर केंद्रित है कि रूस से क्रीमिया प्रायद्वीप को होने वाली रसद और हथियारों की आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया जाए।

रणनीतिक चक्रव्यूह: यूक्रेन की योजना है कि यदि क्रीमिया में मौजूद रूसी बलों को मुख्य भूमि से अलग-थलग (Isolate) कर दिया जाए, तो यूक्रेनी सेना जमीनी हमला कर क्रीमिया को रूस के नियंत्रण से मुक्त करा सकती है।

ड्रोन हमलों ने बढ़ाई रूस की मुसीबत

इसी रणनीति के तहत यूक्रेन ने हाल के महीनों में क्रीमिया में स्थित रूसी सैन्य ठिकानों और संसाधनों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। आंकड़े गवाह हैं कि इस चार साल लंबे युद्ध में रूस को जो कुल नुकसान हुआ है, उसका एक-तिहाई (33%) हिस्सा अकेले पिछले 12 महीनों में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण हुआ है।

प्रथम विश्वयुद्ध की अवधि को पार कर चुका यह युद्ध कब रुकेगा, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है, लेकिन इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है।

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