अवैध प्रवासियों पर तनाव के बीच भारत-बांग्लादेश में समझौता: सीमा पर बढ़ेगी साझा गश्त और रीयल-टाइम खुफिया जानकारी

चार दिवसीय बैठक के बाद बीएसएफ और बीजीबी का संयुक्त बयान; जबरन बॉर्डर क्रॉसिंग रोकने और ड्रोन निगरानी पर जोर, नवंबर में ढाका में होगी अगली बैठक।

12 Jun 2026  |  103

 

 

नई दिल्ली। अवैध प्रवासियों के संवेदनशील मुद्दे को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। दोनों देशों ने अपनी साझा सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 'रीयल-टाइम' इंटेलिजेंस शेयरिंग (खुफिया जानकारी साझा करने) और आपसी तालमेल के साथ समन्वित गश्त (Coordinated Patrols) बढ़ाने पर सहमति जताई है। शुक्रवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच हुई चार दिवसीय मैराथन बैठक के बाद यह आधिकारिक संयुक्त बयान जारी किया गया।

वर्ष 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद, दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों को स्थिर करने और बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की पहचान करने की भारत की कोशिशों के लिहाज से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिना सही प्रक्रिया के प्रवासियों को भेजने का आरोप और भारत का रुख

दरअसल, हाल के दिनों में बांग्लादेश ने भारतीय अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वे उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना प्रवासियों को सीमा पार भेजने की कोशिश कर रहे हैं। बांग्लादेश की सत्ताधारी और प्रशासनिक व्यवस्था ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए नई दिल्ली को एक दर्जन से अधिक पत्र भेजे हैं।

भारत की प्राथमिकता: भारत की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी का रुख स्पष्ट है कि बांग्लादेश से सटे त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की समस्या से निपटना उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है।

नागरिकता की पुष्टि की मांग: भारत सरकार ने मई महीने में ही ढाका से 2,860 से अधिक ऐसे संदिग्ध लोगों की नागरिकता की पुष्टि करने को कहा था, जिनके पास कोई आधिकारिक भारतीय दस्तावेज नहीं हैं और जिन पर बांग्लादेशी नागरिक होने का शक है।

"जबरन धक्का देना मंजूर नहीं" — बांग्लादेश की चेतावनी

इस सप्ताह की शुरुआत में बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि बिना सही कानूनी प्रक्रिया के लोगों को जबरन बांग्लादेश के अंदर भेजना "बिल्कुल मंजूर नहीं" है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसे एकतरफा कदमों से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

इस तनाव के बीच, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने दावा किया है कि उसने हाल के हफ्तों में सीमा पार से होने वाली कई ऐसी कोशिशों को नाकाम किया है और सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती, इंटेलिजेंस ऑपरेशन्स और ड्रोन निगरानी को काफी बढ़ा दिया है।

4,000 किमी से लंबी सीमा पर शांति बहाली का संकल्प

भारत और बांग्लादेश के बीच 4,000 किलोमीटर (2,500 मील) से ज्यादा लंबी सीमा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी जमीनी सीमाओं में से एक है। इस विशाल सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बीएसएफ (BSF) और बीजीबी (BGB) के शीर्ष अधिकारियों की इस बातचीत को बेहद सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और भविष्योन्मुखी बताया गया है।

संयुक्त बयान के मुख्य बिंदु: दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर अवैध, अनजाने में और जबरन होने वाली किसी भी 'क्रॉसिंग' को पूरी तरह रोकेंगी। इसके अलावा इस बैठक में मानव तस्करी, सीमा पर होने वाली अनचाही मौतों, हथियारों व सामानों की तस्करी, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास और 'कोऑर्डिनेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट प्लान' (CBMP) को कड़ाई से लागू करने पर आम सहमति बनी।

दोनों पक्षों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर हर हाल में अमन-चैन और स्थिरता बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया है। सीमा सुरक्षा से जुड़े दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की अगली उच्चस्तरीय बैठक अब आगामी नवंबर महीने में ढाका में आयोजित की जाएगी।

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