महंगाई की मार: मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% पर पहुँची, सोना-चांदी और टमाटर के दामों में भारी उछाल

आसमान छूते चांदी और टमाटर के भाव ने बिगाड़ा रसोई का बजट; आलू और मटर के सस्ते होने से मिली थोड़ी राहत।

12 Jun 2026  |  29

 

 

नई दिल्ली:

देश में लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ा दिया है। मई 2026 की ताजा आर्थिक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) बढ़कर 3.93% के स्तर पर पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी के महीने में यह दर 3.21% दर्ज की गई थी। महंगाई दर में आई इस तेजी की मुख्य वजह कुछ चुनिंदा आवश्यक वस्तुओं और कीमती धातुओं की कीमतों में आया अप्रत्याशित उछाल है।

इस रिपोर्ट से साफ है कि बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, जहां एक तरफ आभूषण और कुछ खास सब्जियां बेहद महंगी हो गई हैं, वहीं दूसरी तरफ रोजमर्रा की कुछ अन्य खाद्य वस्तुओं के दामों में गिरावट भी दर्ज की गई है।

इन चीजों ने बढ़ाई जेब की तपिश (सबसे ज्यादा उछाल)

मई महीने की रिपोर्ट के अनुसार, कीमती धातुओं और टमाटर ने महंगाई को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है:

चांदी के आभूषण: कीमतों में 155.23% की रिकॉर्ड तोड़ और सबसे भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

टमाटर: आम रसोई की यह मुख्य सब्जी 48.43% तक महंगी हो गई है।

सोना, हीरा और प्लैटिनम ज्वेलरी: इनकी कीमतों में भी 40.93% का बड़ा उछाल देखा गया है।

अदरक: इसके दाम 32.49% तक बढ़ गए हैं।

किशमिश: ड्राई फ्रूट्स के शौकीनों पर भी असर पड़ा है, यह 21.97% तक महंगी हुई है।

राहत की खबर: इन उत्पादों के घटे दाम

महंगाई के इस दौर में आम उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत भरी खबरें भी सामने आई हैं। मुख्य रूप से आलू और हरी सब्जियों के दामों में कमी देखी गई है:

उत्पादगिरावट (प्रतिशत में)
आलू23.71% तक सस्ता
मटर11.47% तक की गिरावट

बाजार के इस उतार-चढ़ाव के मायने

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह डेटा स्पष्ट करता है कि महंगाई का असर हर वस्तु पर एक समान नहीं होता है। जहां एक ओर कीमती धातुओं (सोना-चांदी) की अंतरराष्ट्रीय मांग और घरेलू बाजार में टमाटर जैसी मौसमी सब्जियों की कम आपूर्ति के कारण इनके दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं आलू और मटर जैसी बुनियादी सब्जियों की अच्छी आवक के चलते इनके दाम नियंत्रण में हैं।

इस मिले-जुले असर के कारण आम जनता के बजट का संतुलन बिगड़ रहा है, क्योंकि एक तरफ राहत है तो दूसरी तरफ जरूरी चीजों के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।

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