अयोध्या में चंदा विवाद पर आज बड़ा फैसला संभव, पीएम के करीबी नृपेंद्र मिश्र पहुँचे रामनगरी

दस्तावेजों को सार्वजनिक करने और CBI जांच की उठी मांग; हाईकोर्ट में PIL दाखिल, यूपी सरकार ने कहा— 'यह ट्रस्ट का अंदरूनी मामला'।

13 Jun 2026  |  140

 

 

अयोध्या, 13 जून। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दानराशि और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर खड़ा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र आज खुद पूरे मामले की जमीनी हकीकत और दस्तावेजों को समझने के लिए अयोध्या पहुँच रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके इस दौरे के बाद ट्रस्ट की साख को लेकर कुछ बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

यह विवाद अब कानूनी गलियारों तक भी पहुँच चुका है। शुक्रवार को इस पूरे प्रकरण को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। वहीं, कई साधु-संतों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाकर दबाव बढ़ा दिया है।

पीएम मोदी को पत्र: 'वेबसाइट पर सार्वजनिक हो पाई-पाई का हिसाब'

भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक नया पत्र भेजकर ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक प्राप्त समस्त दान, आय-व्यय, बैंक खातों और भूमि खरीद-फरोख्त का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इससे पहले उन्होंने 9 जून को इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की भी मांग की थी।

प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में कहा गया है:

"देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई और अटूट श्रद्धा के साथ मंदिर निर्माण के लिए धन और आभूषण समर्पित किए हैं। ऐसे में प्रत्येक भक्त को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके दान का उपयोग किस प्रकार किया गया। ट्रस्ट को निर्देशित किया जाए कि वह अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑडिट रिपोर्ट सहित समर्पण निधि का पूरा लेखा-जोखा लाइव करे।"

चंदे के विवाद पर छिड़ा सियासी घमासान

राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उबाल आ गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं:

पक्ष / दलप्रमुख बयान व मांगरुख / कार्रवाई
यूपी सरकार (मंत्री सूर्य प्रताप शाही)"यह ट्रस्ट का पूरी तरह से आंतरिक मामला है। ट्रस्ट अपनी नियमावली के अनुसार जांच कर रहा है। सरकार इसमें कोई दखल नहीं दे रही है।"सरकार फिलहाल तटस्थ है, जरूरत पड़ने पर मदद करेगी।
समाजवादी पार्टी (पारसनाथ यादव)"चढ़ावे में विसंगति की यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग।

 

ट्रस्ट की सजगता पर सरकार का भरोसा

अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने साफ किया है कि इस मामले को लेकर ट्रस्ट पूरी तरह सजग और सतर्क है। यदि कहीं कोई कमी या अनियमितता पाई जाती है, तो ट्रस्ट खुद कार्रवाई करेगा। यदि ट्रस्ट की ओर से सरकार से किसी सहायता या कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा की जाएगी, तभी सरकार इस विषय पर विचार करेगी।

विपक्ष के तीखे हमलों और जनभावनाओं के बीच, अब सभी की नजरें आज अयोध्या में होने वाली नृपेंद्र मिश्र की उच्च स्तरीय समीक्षा पर टिकी हैं।

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