वाशिंगटन, 13 जून। आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ एक बेहद बड़ी और निर्णायक कामयाबी का दावा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार शाम को एक सनसनीखेज घोषणा की है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने एक सटीक और बेहद घातक 'काइनेटिक एयरस्ट्राइक' (Kinetic Airstrike) में वेनेजुएला के सबसे बर्बर और बदनाम जेल गैंग 'ट्रेन दे अरागुआ' (Tren de Aragua) के शीर्ष सरगना हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ 'नीनो गुएरेरो' को मार गिराया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के प्रमुख पीट हेगसेथ ने भी आधिकारिक तौर पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गुएरेरो इस हमले में मारा जा चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस भीषण हमले का एक हवाई वीडियो भी साझा किया है, जिसमें एक इमारत विस्फोट से पूरी तरह नष्ट होती दिख रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा संदेश: "दुश्मनों को नरक भेज दिया"
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस स्ट्राइक को अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर भी तीखा हमला बोला।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा:
"मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना की साउदर्न कमांड यूनिट ने 'ट्रेन दे अरागुआ' के कुख्यात लीडर नीनो गुएरेरो को खत्म करने के लिए यह त्वरित और घातक हमला किया। यह संगठन पृथ्वी के सबसे रक्तपिपासु आतंकी संगठनों में से एक है। बाइडन प्रशासन ने हमारी दक्षिणी सीमा को खोलकर इन विदेशी अपराधियों को हमारे देश में मासूमों के साथ अपराध करने की खुली छूट दे दी थी।"
उन्होंने आगे जोड़ा:
"मैंने चुनाव प्रचार के दौरान 12 साल की जोसलिन नुंगारे और 22 साल की लेकेन रेली जैसी अनगिनत बेगुनाह बेटियों के परिवारों को न्याय दिलाने का वादा किया था। इस कार्रवाई के जरिए अमेरिकी सेना ने प्रतिशोध पूरा कर लिया है। अब इन आतंकियों के लिए कहीं कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। हम इन्हें ढूंढ निकालेंगे और नरक की उन गहराइयों में भेज देंगे, जहां जाने के ये हकदार हैं।"
वेनेजुएला के सहयोग से खुफिया ऑपरेशन
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, यह बेहद गोपनीय सैन्य कार्रवाई इस सप्ताह की शुरुआत में वेनेजुएला की सरकार के साथ खुफिया जानकारी साझा (Intelligence-sharing) करके संयुक्त रूप से अंजाम दी गई। पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने कहा कि यह ऑपरेशन नार्को-आतंकवादियों के खिलाफ अमेरिका और वेनेजुएला की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अमेरिका ने इस कुख्यात सरगना पर 50 लाख डॉलर (करीब 41 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित कर रखा था।
क्या है 'ट्रेन दे अरागुआ' और क्यों था इसका खौफ?
अमेरिका द्वारा 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया जा चुका यह गैंग लैटिन अमेरिका का सबसे क्रूर और फैला हुआ आपराधिक नेटवर्क है:
मानव तस्करी का जाल: यह गैंग मुख्य रूप से उन रास्तों पर नियंत्रण रखता है, जिनसे होकर दक्षिण अमेरिकी प्रवासी बेहतर जिंदगी की तलाश में अमेरिका, चिली या यूरोप की तरफ जाते हैं।
अपराध का अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट: पनामा से लेकर ब्राजील तक यह गुट जबरन वसूली, फिरौती के लिए अपहरण, मनी लॉन्ड्रिंग, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (सुपारी देकर हत्या) और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त है।
जेल से हुआ था फरार: सरगना नीनो गुएरेरो वेनेजुएला की कुख्यात टोकोरोन जेल से भागकर अपना साम्राज्य चला रहा था, जिसे अब अमेरिकी सेना ने हमेशा के लिए शांत कर दिया है।