दिल्ली में महंगी हुई बिजली: PPAC चार्ज बढ़ने से 1% से 3.30% तक बढ़ेगी दरें, 500 यूनिट से ज्यादा खपत पर लगेगा झटका

10 जून से लागू हुईं नई दरें, जुलाई के बिलों में दिखेगा असर; 0 से 400 यूनिट वाले घरेलू उपभोक्ताओं को राहत; CTI ने सीएम रेखा गुप्ता को लिखा पत्र।

13 Jun 2026  |  83

 

 

नई दिल्ली, 13 जून।

भीषण गर्मी के बीच दिल्लीवासियों को अब बिजली का तगड़ा झटका लगा है। दिल्ली में बिजली की दरों में $1\%$ से $3.30\%$ तक की बढ़ोतरी होने जा रही है। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिनकी मासिक बिजली खपत 500 यूनिट से अधिक है। हालांकि, दिल्ली सरकार की सब्सिडी के दायरे में आने वाले $0-200$ यूनिट और $200-400$ यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को इस बढ़ोतरी से फिलहाल राहत मिलेगी। उनके बिलों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

नियामक आयोग के आदेशानुसार, बिजली की ये नई दरें 10 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं, जिसका वास्तविक असर जुलाई महीने में आने वाले बिजली बिलों में साफ़ दिखाई देगा।

तीनों निजी बिजली कंपनियों को PPAC बढ़ाने की मंजूरी

आयोग ने दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली सप्लाई करने वाली तीनों प्रमुख डिस्कॉम (Discoms) कंपनियों को पावर परचेज एग्रीमेंट कॉस्ट (PPAC) चार्ज में बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है:

BRPL (वेस्ट, सेंट्रल और दक्षिणी दिल्ली): बिजली बिलों पर $17.94\%$ PPAC चार्ज बढ़ाने का आदेश।

BYPL (ट्रांस यमुना क्षेत्र): $17.43\%$ PPAC चार्ज में बढ़ोतरी।

टाटा पावर TPDDL (उत्तरी व बाहरी दिल्ली): $16\%$ PPAC चार्ज बढ़ाने की मंजूरी।

व्यापारियों में भारी आक्रोश: सीएम रेखा गुप्ता को लिखा पत्र

बिजली दरों में इस औचक बढ़ोतरी के बाद दिल्ली के व्यापारिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई है। दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को इस संबंध में एक पत्र लिखा है।

CTI ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में चेताया:

"बिजली दरों में इस बढ़ोतरी से दिल्ली के दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। दिल्ली में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल बिजली दरें पहले से ही पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में $15\%$ से $20\%$ तक महंगी हैं। अगर यह बोझ और बढ़ाया गया, तो दिल्ली से फैक्ट्रियां पड़ोसी राज्यों में शिफ्ट होना शुरू हो सकती हैं, जिससे दिल्ली के राजस्व को भारी नुकसान होगा।"

उपभोक्ताओं पर असर: एक नजर में

बिजली खपत (मासिक)बिल पर होने वाला असरवर्तमान स्थिति
$0 - 200$ यूनिटकोई असर नहींपूरी तरह सब्सिडी के दायरे में, बिल शून्य रहेगा।
$200 - 400$ यूनिटकोई खास असर नहींदिल्ली सरकार की मौजूदा राहत बरकरार रहेगी।
$500$ यूनिट से अधिक$1\%$ से $3.30\%$ तक महंगाजुलाई के बिल में अतिरिक्त राशि जुड़कर आएगी।
कमर्शियल / इंडस्ट्रियलअतिरिक्त बोझउत्पादन लागत और दुकानदारों का खर्च बढ़ेगा।

एक तरफ जहाँ आम जनता पर भारी-भरकम बिजली बिल का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक संगठनों ने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने या व्यापारियों को विशेष राहत देने की मांग तेज कर दी है।

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