क्रूड ऑयल मार्केट में बड़ा क्रैश: 4% टूटा ब्रेंट क्रूड, पिछले दो महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंची कीमतें

"अमेरिका-ईरान तनाव घटने की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार को बड़ी राहत; जानिए 13 जून 2026 को आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम।"

13 Jun 2026  |  86

 

 

नई दिल्ली

अंतरराष्ट्रीय बाजार से भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद जारी तनाव के कम होने की उम्मीदों के बीच शुक्रवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी से अधिक टूटकर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है, जो पिछले दो महीनों का इसका सबसे निचला स्तर है।

वैश्विक बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बावजूद, भारतीय तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) ने आज यानी 13 जून 2026 को घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और दरें स्थिर बनी हुई हैं।

देश के महानगरों में आज क्या हैं ईंधन के दाम?

देश के चारों प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल पुरानी कीमतों पर ही स्थिर हैं:

दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बिक रहा है।

मुंबई: आर्थिक राजधानी में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹97.83 प्रति लीटर है।

चेन्नई: यहां पेट्रोल ₹107.77 प्रति लीटर और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर मिल रहा है।

कोलकाता: कोलकाता में पेट्रोल की कीमत ₹113.51 प्रति लीटर और डीजल ₹99.82 प्रति लीटर दर्ज की गई है।

प्रमुख शहरों की मूल्य तालिका (13 जून 2026)

नीचे देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव (रुपये प्रति लीटर में) दिए गए हैं:

शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली102.1295.20
मुंबई111.2197.83
चेन्नई107.7799.55
कोलकाता113.5199.82
भोपाल114.5799.64
पटना113.3799.36
रांची105.26100.49
नोएडा102.1297.56
लखनऊ101.8995.36
चंडीगढ़101.5189.47

 

युद्ध के साये में बीता पिछला महीना; 4 बार बढ़े थे दाम

गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से पिछले कुछ हफ्तों से पूरी दुनिया एक बड़े तेल संकट से जूझ रही है। इस तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया की लगभग 20 फीसदी कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो गई थी।

भारत पर असर: भारत अपनी जरूरतों का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है और उसके लिए यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है। सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण घरेलू बाजार में भारी दबाव देखा गया था, जिसके चलते बीते महीने पेट्रोलियम कंपनियों ने तेल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी की थी।

राहत की बात यह है कि 25 मई के बाद से घरेलू कीमतों में कोई नया इजाफा नहीं हुआ है और अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आने से आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में भी कीमतें घटने की उम्मीदें जाग गई हैं।

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