टेक डेस्क।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच साइबर अपराधियों ने मासूम यूजर्स को ठगने का एक बिल्कुल नया और बेहद शातिर हथकंडा अपना लिया है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT के सर्च रिजल्ट्स में अब नामी ब्रांड्स की फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स के लिंक्स दिखाई देने लगे हैं। हाल ही में ब्रिटेन में सामने आए एक मामले ने इस नए खतरे का पर्दाफाश किया है, जिसके बाद दुनियाभर के टेक एक्सपर्ट्स ने एडवाइजरी जारी की है।
स्कैम-डिटेक्शन सर्विस 'आस्क सिल्वर' के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने मशहूर रिटेल ब्रांड्स की वेबसाइट्स के हुबहू नकली (क्लोन) वर्जन तैयार किए हैं। जब यूजर्स ChatGPT से कुछ पॉपुलर प्रोडक्ट्स को खरीदने के लिए सुझाव मांगते हैं, तो यह एआई टूल अनजाने में इन फर्जी वेबसाइट्स को भी अपने रिजल्ट्स में दिखा देता है।
कैसे काम करता है यह नया 'एआई स्कैम'?
मान लीजिए आप किसी खास ब्रांड का महंगा बैग या जूता खरीदना चाहते हैं और आपने बेस्ट डील के लिए ChatGPT से सजेशन मांगा।
लिंक जनरेशन: AI आपको कुछ ऐसी वेबसाइट्स के लिंक दिखाएगा जो बिल्कुल असली और काम की लगेंगी।
फर्जी लैंडिंग पेज: जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करेंगे, आप एक ऐसी वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे जो दिखने में हूबहू असली ब्रांड जैसी होगी।
डेटा चोरी: ये वेबसाइट्स भारी डिस्काउंट (जैसे 80% तक छूट) का दावा करती हैं। जैसे ही आप पेमेंट करने जाएंगे, ये आपकी बैंकिंग इंफॉर्मेशन (क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स) और पर्सनल डेटा चुरा लेंगी।
जानिए क्या है 'AI Poisoning', जिससे एआई भी खा रहा है धोखा?
क्या है एआई पॉइजनिंग (AI Poisoning)?
स्कैमर्स इंटरनेट पर भारी मात्रा में फर्जी कंटेंट, कीवर्ड्स और क्लोन की गई वेबसाइट्स अपलोड कर देते हैं। इंटरनेट के इसी डेटा से एआई मॉडल्स खुद को ट्रेन करते हैं। डेटा की इस भारी बाढ़ के कारण एआई एल्गोरिदम गलती से इन गुमराह करने वाले फर्जी सोर्सेज को असली और वैलिड (Valid) मान लेते हैं और यूजर्स को रिकमेंड करने लगते हैं। इसे ही टेक की दुनिया में 'AI Poisoning' कहा जा रहा है।
इसलिए, सिर्फ इस आधार पर किसी वेबसाइट पर भरोसा न करें कि उसे ChatGPT या किसी अन्य बड़े एआई टूल ने रिकमेंड किया है।
सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल
साइबर एक्सपर्ट्स ने इस नए खतरे से बचने के लिए कुछ बेहद जरूरी टिप्स साझा किए हैं:
वेबसाइट के URL को बारीकी से जांचें: हमेशा ऑफिशियल डोमेन जैसे .com या .co.in को चेक करें। अगर URL के बीच में official, deals, sale या discount जैसे संदिग्ध शब्द जुड़े हों, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
अविश्वसनीय डिस्काउंट से बचें: अगर किसी महंगे या प्रीमियम प्रोडक्ट पर 70% से लेकर 90% तक की छूट दी जा रही है, तो समझ जाएं कि यह जालसाजी का एक बड़ा संकेत है।
सीधे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: एआई टूल या किसी सोशल मीडिया विज्ञापन द्वारा दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय, खुद ब्राउज़र (जैसे Google या Chrome) पर उस ब्रांड का नाम टाइप करें और सीधे उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ही खरीदारी करें।