वाशिंगटन/नई दिल्ली।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। विश्व बैंक (World Bank) ने वर्ष 2026 के लिए अपने वैश्विक आर्थिक वृद्धि (Global Growth Rate) के अनुमान को घटाकर महज 2.5 प्रतिशत कर दिया है। यदि आर्थिक हालात ऐसे ही रहे, तो यह कोरोना महामारी के बाद दुनिया की सबसे कमजोर वृद्धि दर होगी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के मुताबिक, पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष ने वैश्विक आर्थिकी को एक और नया और तगड़ा झटका दिया है।
दो-तिहाई देशों पर मंदी और कमजोर ग्रोथ का साया
विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया के युद्ध ने पूरी दुनिया के आर्थिक परिदृश्य को तेजी से बदल दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते:
दुनिया की लगभग दो-तिहाई (2/3) अर्थव्यवस्थाओं में इस साल विकास की रफ्तार बेहद सुस्त रहने की आशंका है।
खाड़ी के देशों (Gulf Region) से होने वाली ऊर्जा और कमोडिटी सप्लाई बाधित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
कमोडिटी और प्राकृतिक गैस की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी का अनुमान
विश्व बैंक की रिपोर्ट में महंगाई को लेकर बेहद डराने वाले आंकड़े सामने रखे गए हैं:
कमोडिटी कीमतों में 22% उछाल: रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में वैश्विक कमोडिटी की कीमतों में 22 प्रतिशत की भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। गौर करने वाली बात यह है कि इसी साल जनवरी में इसमें 7 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया गया था।
यूरोप में गैस 30% महंगी होगी: वैश्विक स्तर पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की कम उपलब्धता के कारण इस साल यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतें लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं, जिससे वहां ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
बदतर हो सकते हैं हालात: सिर्फ 1.3% रह जाएगी वैश्विक वृद्धि
विश्व बैंक की गंभीर चेतावनी:
अगर पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है और ऊर्जा आपूर्ति की रुकावटें उम्मीद से ज्यादा गंभीर रूप ले लेती हैं, तो दुनिया भारी वित्तीय तनाव (Financial Stress) की चपेट में आ जाएगी। ऐसी बदतर स्थिति में 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर औंधे मुंह गिरकर महज 1.3 प्रतिशत पर सिमट सकती है।
डूबती अर्थव्यवस्था के बीच 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' उम्मीद की किरण
तमाम नकारात्मक आर्थिक परिदृश्यों और मंदी के बादलों के बीच, विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में एक सकारात्मक पहलू का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक आने वाले समय में वैश्विक बाजार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। एआई को भविष्य में वैश्विक आर्थिकी की मजबूत रिकवरी और विकास का एक बड़ा और संभावित स्रोत माना गया है।