कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डॉ. बैद्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय व सोनाली गुहा समेत टीएमसी के कई दिग्गज नेताओं को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजा है। इस कदम के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर का अंदरूनी कलह अब खुलकर कोर्ट-कचहरी के दरवाजे तक पहुंच गया है।
आरोपों को सिरे से किया खारिज: "मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं"
डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने कानूनी नोटिस के जरिए उन तमाम दावों और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने आगामी चुनावों के लिए बारासात विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट मांगा था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि:
"मेरी ऐसी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी और न ही है। बारासात विधानसभा क्षेत्र से किसी भी प्रकार के राजनीतिक नामांकन की न तो मैंने कभी मांग की थी और न ही ऐसी कोई इच्छा जताई थी।"
15 दिनों का अल्टीमेटम, सार्वजनिक माफी की मांग
नोटिस में टीएमसी के शीर्ष नेताओं को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है कि वे अपने बयानों पर सुधार करें। डॉ. बैद्यनाथ ने नोटिस में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी: नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर सभी संबंधित नेता इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और माफी मांगें।
बयान वापस लें: नेता सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करें कि डॉ. बैद्यनाथ ने किसी भी टिकट की मांग नहीं की थी।
चरित्र हनन पर रोक: उनके व्यक्तिगत आचरण, छवि या चरित्र को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी गलत और भ्रामक बयान को तुरंत सुधारा जाए।
क्यों गहराया विवाद?
दरअसल, सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बागी रुख अख्तियार करने के बाद से ही टीएमसी नेतृत्व लगातार उनके परिवार पर हमलावर था। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से यह आरोप लगाया था कि टिकट न मिलने की खीझ के कारण ही परिवार बगावत पर उतरा है। अब डॉ. बैद्यनाथ द्वारा सीधे ममता बनर्जी और अन्य बड़े चेहरों को नोटिस भेजे जाने के बाद टीएमसी बैकफुट पर नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बंगाल की राजनीति में एक नए सियासी तूफान की दस्तक है।