चंडीगढ़ (ट्राईसिटी)। पाकिस्तान में बैठे नामी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का खतरनाक नेटवर्क अब चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला (ट्राईसिटी) में सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है। खुफिया इनपुट मिले हैं कि भट्टी और उसके गुर्गे सोशल मीडिया के जरिए ट्राईसिटी के स्थानीय युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस, खुफिया विंग और साइबर क्राइम सेल ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है और संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की बारीकी से पड़ताल शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया बना हथियार: दोस्ती से लेकर धोखे तक का खेल
जांच सूत्रों के अनुसार, शहजाद भट्टी ने अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया को सबसे बड़ा हथियार बनाया है। इसका तौर-तरीका बेहद शातिराना है:
पहले दोस्ती, फिर भरोसा: इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पहले स्थानीय युवाओं को टारगेट कर उनसे दोस्ती की जाती है।
पैसों का लालच: लगातार बातचीत के जरिए युवाओं का भरोसा जीतने के बाद उन्हें भारी रकम का लालच दिया जाता है।
इस्तेमाल के बाद धोखा: सूत्रों का दावा है कि युवाओं को बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बदले मोटी रकम का झांसा दिया जाता है, लेकिन काम होने के बाद उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिलती।
अब एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि ट्राईसिटी में इस नेटवर्क के स्थानीय मददगार कौन हैं और इसकी जड़ें कितनी गहरी हैं।
यूपी और हरियाणा में मची खलबली, तार ट्राईसिटी से जुड़े
हाल के महीनों में पड़ोसी राज्यों में हुई गिरफ्तारियों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, जिसके तार सीधे ट्राईसिटी से जुड़ रहे हैं:
यूपी में धमाके की साजिश: करीब एक महीने पहले उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों से पूछताछ में कई संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की कथित साजिश का खुलासा हुआ था।
हरियाणा में आरडीएक्स बरामद: मार्च महीने में हरियाणा एसटीएफ (STF) ने चार आरोपियों को आरडीएक्स के साथ दबोचा था, जिनका कनेक्शन भट्टी नेटवर्क से था। इनमें से एक आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर चुकी है।
विभिन्न राज्यों में पकड़े गए इन आरोपियों की डिजिटल एक्टिविटी और कॉल लॉग्स खंगालने पर पंजाब और ट्राईसिटी के कई संदिग्ध नंबर और नाम सामने आए हैं।
साइबर सेल की 'थर्ड आई': संदिग्ध अकाउंट्स पर पैनी नजर
शहजाद भट्टी की सोशल मीडिया पर भारी-भरकम फॉलोइंग को देखते हुए साइबर क्राइम सेल बेहद सतर्क है। मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला में ऐसे मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन संपर्कों की एक विशेष सूची तैयार की गई है, जो इस नेटवर्क के संपर्क में रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सीमा पार से युवाओं को गुमराह करने की इस बड़ी साजिश को नाकाम करने के लिए डिजिटल सर्विलांस को कई गुना बढ़ा दिया गया है और जल्द ही इस मामले में कुछ स्थानीय गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।