नई दिल्ली।
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत के सियासी गलियारों में उबाल आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाश्रा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'चुप्पी' को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष ने अमेरिकी बयानबाजी को 'आदेश की भाषा' करार देते हुए केंद्र सरकार पर देश के सम्मान और संप्रभुता से समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति बताया है।
राहुल गांधी का तीखा हमला: 'एक आजाद देश ऐसी भाषा कभी नहीं सहेगा'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने अमेरिकी सेना के हालिया बयान का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने लिखा:
"अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद, न कोई अफसोस है और न ही माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए: 'अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा।"
उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए कहा, "लेकिन हमारे 'कॉम्प्रोमाइज्ड' (समझौतावादी) PM? चुप हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं और आदेश मान लेते हैं। ऐसे प्रधानमंत्री देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेंगे, क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं। इस सरकार के राज में विदेशी ताकतें हमारे नागरिकों को मारती हैं और सरकार चुपचाप आदेश मान लेती है।" राहुल गांधी ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित भारतीयों को तुरंत वापस घर लाया जाए।
'अमेरिका दे रहा धमकी की भाषा' — प्रियंका गांधी
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सरकार के रुख को 'शर्मनाक' बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद भी मोदी सरकार का मौन परेशान करने वाला है।
प्रियंका गांधी ने कहा, "अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने के बजाय धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है, जो अपनी रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री न तो देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं और न ही देश की संप्रभुता की।"
बीजेपी का पलटवार: 'राहुल गांधी सिर्फ आलोचना करना जानते हैं'
कांग्रेस के इन कड़े आरोपों पर सरकार और भाजपा की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोर्चा संभाला। बेंगलुरु में भाजपा के 'विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने राहुल गांधी के बयानों को देश की छवि को कमतर आंकने की कोशिश बताया।
"राहुल गांधी लोकसभा में जब भी बोलते हैं, तो वह हर चीज की केवल आलोचना ही करते हैं। वह भारत की उपलब्धियों को हमेशा कमतर आंकते हैं। आज सच्चाई यह है कि तिमाही-दर-तिमाही और साल-दर-साल भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है।" — निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री
बढ़ सकता है सियासी पारा
एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष सरकार की विदेश नीति और संप्रभुता पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार इसे देश के आर्थिक विकास और वैश्विक मजबूत स्थिति के दावों से जोड़कर विपक्ष को घेर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक सियासी पारा और चढ़ने के आसार हैं।