मोबाइल पर अब नहीं सुनाई देगी 'आपातकालीन बीप': NDMA ने 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट' सेवा पर लगाई अस्थायी रोक

एहतियातन लिया गया बड़ा फैसला: मई 2026 में शुरू हुई थी देशव्यापी सर्विस, प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की सटीक चेतावनी से सीधे सतर्क होते थे लोग

14 Jun 2026  |  109

 

 

 

नई दिल्ली:

यदि पिछले कुछ दिनों से आपके मोबाइल फोन पर भी अचानक तेज बीप और वाइब्रेशन के साथ आ रहे आपातकालीन संदेशों (Emergency Alerts) से आपकी नींद या काम में खलल पड़ रहा था, तो आपके लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने मोबाइल फोन पर आने वाली 'सेल ब्रॉडकास्ट इमरजेंसी अलर्ट सर्विस' को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है और आगामी आदेश तक यह व्यवस्था पूरी तरह स्थगित रहेगी।

मई 2026 में ही हुई थी आधिकारिक शुरुआत

गौरतलब है कि इस अत्याधुनिक इमरजेंसी अलर्ट सर्विस को इसी वर्ष मई 2026 में देश भर में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे- चक्रवात, भूकंप, बाढ़ या अन्य आपातकालीन स्थितियों के समय लोगों को सीधे उनके मोबाइल स्क्रीन पर त्वरित चेतावनी भेजना था। इस अलर्ट की खासियत यह थी कि संदेश आते ही फोन में एक बेहद तेज और अलग तरह की 'लाउड वॉर्निंग साउंड' बजती थी, जो साइलेंट मोड पर भी यूजर को तुरंत सतर्क कर देती थी।

क्या है 'सेल ब्रॉडकास्ट' टेक्नोलॉजी और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी एडवांस मैसेजिंग प्रणाली है, जिसके तहत मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल कर किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र (जैसे कोई शहर या जिला) में मौजूद सभी मोबाइल धारकों को एक साथ, एक ही समय पर संदेश भेजा जा सकता है। इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन या किसी खास ऐप की आवश्यकता नहीं होती। इसका मूल उद्देश्य संकट के समय कम से कम समय में अधिकतम आबादी तक जीवन रक्षक जानकारी पहुंचाना है, ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जा सकें।

क्यों लिया गया अस्थायी रोक का फैसला?

हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में आई तेज आंधी, चक्रवाती तूफान, मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि के दौरान इस प्रणाली का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इस दौरान प्रभावित इलाकों के नागरिकों को दिन ही नहीं, बल्कि रात के करीब 1 बजे भी लाउड साउंड वाले अलर्ट मैसेज भेजे गए।

हालांकि इस तकनीक ने लोगों को आपदाओं के प्रति जागरूक करने में बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन लगातार और असमय आने वाले इन अलर्ट्स से कई बार आम जनता में घबराहट और असुविधा की स्थिति भी देखी गई। माना जा रहा है कि सिस्टम की समीक्षा करने और इसे अधिक यूजर-फ्रेंडली (उपभोक्ता अनुकूल) बनाने के उद्देश्य से ही एनडीएमए (NDMA) ने फिलहाल इस सेवा को अगले आदेश तक रोकने का एहतियाती निर्णय लिया है।

अन्य खबरें