करनाल में बड़ा फर्जीवाड़ा: 'एंटी करप्शन फाउंडेशन' के नाम पर करोड़ों की ठगी, फिल्म स्टार्स के नाम पर लोगों को ठगने वाला नरेंद्र अरोड़ा गिरफ्तार!

भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर खुद की 'करप्शन की दुकान'; चेन सिस्टम से बनाए हजारों सदस्य, सेलिब्रिटीज के साथ फोटो दिखाकर ऐंठता था लाखों रुपये।

15 Jun 2026  |  86

 

 

करनाल:

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का मुखौटा पहनकर देश भर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का करनाल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। करनाल की सदर बाजार चौकी पुलिस ने 'एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया' नामक संस्था के संचालक नरेंद्र अरोड़ा को रविवार को धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी ने भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर एक ऐसी संस्था खड़ी की थी, जिसका इस्तेमाल वह लोगों की जेबें खाली करने और उनके साथ वित्तीय धोखाधड़ी करने के लिए करता था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया है।

ठगी का हाईप्रोफाइल फॉर्मूला: फिल्म स्टार्स और 'चेन सिस्टम' का खेल

पुलिस जांच और शिकायतकर्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र अरोड़ा की ठगी का तरीका बेहद शातिर और हाईप्रोफाइल था:

सेलिब्रिटीज का इस्तेमाल: आरोपी अपने कार्यक्रमों में बॉलीवुड और फिल्म जगत के नामचीन सितारों को आमंत्रित करता था। वह खुद उनके साथ तस्वीरें खिंचवाता था और फिर उन तस्वीरों को दिखाकर नए लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

फोटो और मंच के नाम पर वसूली: कार्यक्रमों में एंट्री पास बेचने से लेकर, लोगों को मंच पर बुलाने, फिल्म सितारों से सम्मानित करवाने और उनके साथ फोटो खिंचवाने के नाम पर आरोपी लोगों से लाखों रुपये की मोटी रकम ऐंठता था।

मेंबरशिप की आड़ में खेल: संस्था का सदस्य (मेंबर) बनाने के लिए वह लोगों से ₹2,000 से लेकर ₹50,000 तक वसूल करता था।

मल्टी-लेवल मार्केटिंग (चेन सिस्टम): इस संस्था के जाल को पूरे देश में फैलाने के लिए आरोपी 'चेन सिस्टम' (एमएलएम) का इस्तेमाल करता था, जहां पुराने सदस्यों को आगे नए मेंबर बनाने के लिए उकसाया जाता था।

10 साल से चल रहा था खेल, ऐसे हुआ भंडाफोड़

नरेंद्र अरोड़ा ने करीब 10 साल पहले इस संस्था की शुरुआत की थी। इतने सालों में उसने देश के लगभग सभी राज्यों में जाल फैलाकर हजारों लोगों को इसका सदस्य बनाया और उनसे करोड़ों रुपये एकत्रित किए।

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब संस्था के ही एक सदस्य श्याम सुंदर और अन्य पीड़ितों ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को एक औपचारिक शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नरेंद्र अरोड़ा ने उनसे मेंबरशिप के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए थे, लेकिन बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर बाजार चौकी पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा।

फर्जीवाड़े का पूरा गणित: एक नज़र में

विवरणठगी का तरीका और पैमाना
मुख्य आरोपीनरेंद्र अरोड़ा (संचालक, एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया)
संस्था का कार्यकाललगभग 10 वर्ष
सदस्यता शुल्क₹2,000 से ₹50,000 प्रति व्यक्ति
नेटवर्क का दायरादेश के लगभग सभी राज्यों में हजारों सदस्य
वर्तमान स्थितिपुलिस की गिरफ्त में, एक दिन के रिमांड पर

 

पुलिस का क्या कहना है?

सदर बाजार चौकी पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (चीटिंग) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि इस संस्था के बैंक खातों में कुल कितना पैसा है, देश भर में इसके कितने सदस्य हैं और अब तक कुल कितने करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया जा चुका है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट में नरेंद्र के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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