नई दिल्ली / वाशिंगटन:
पश्चिम एशिया में पिछले तीन महीनों से जारी गंभीर तनाव पर विराम लगाते हुए अमेरिका और ईरान ने एक ऐतिहासिक फ्रेमवर्क शांति समझौते की घोषणा की है। इस महा-समझौते पर आगामी शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर (MoU) किए जाएंगे। वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति को प्रभावित करने वाले इस संघर्ष के खात्मे का दुनिया भर के नेताओं ने पुरजोर स्वागत किया है। इसी कड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कदम को वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम बताया है।
PM मोदी ने कहा- 'आर्थिक उथल-पुथल से मिलेगी राहत, बहाल होगी शांति'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस समझौते का खुले दिल से स्वागत किया। उन्होंने लिखा:
"मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है।"
प्रधानमंत्री ने भारत की ओर से उम्मीद जताते हुए आगे कहा, "भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा।"
समझौते की बड़ी बातें: क्या-क्या बदलेगा?
न्यूज़ एजेंसी 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) के मुताबिक, इस प्रस्तावित डील के तहत दोनों देशों के बीच तनाव को पूरी तरह खत्म करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाए गए हैं:
सैन्य ऑपरेशनों पर रोक: लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत और स्थायी रूप से बंद किया जाएगा। (इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है)।
होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की बहाली: वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के फिर से खोल दिया जाएगा।
नाकेबंदी की समाप्ति: अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान पर लगाई गई नाकेबंदी को तुरंत हटा लिया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर सस्पेंस बरकरार: ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े जटिल मुद्दे को फिलहाल इस डील से अलग रखकर भविष्य की बातचीत के लिए सुरक्षित रखा गया है।
डोनाल्ड ट्रम्प का अंदाज- "दुनिया भर के जहाजो, अपने इंजन चालू करो!"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर बेहद गर्मजोशी के साथ इस कामयाबी का एलान किया। उन्होंने दुनिया को बधाई देते हुए लिखा:
"ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया भर के जहाजो, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!"
वैश्विक बाज़ारों और व्यापार को नई ऊर्जा
इस समझौते से वैश्विक बाजार, विशेषकर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। पिछले तीन महीनों से लाल सागर और पश्चिम एशिया के समुद्री रास्तों में जारी तनाव के कारण दुनिया भर की सप्लाई चेन प्रभावित थी। जानकारों का मानना है कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले हस्ताक्षर के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगी।