सैटेलाइट तस्वीरों में गायब हुए मानसूनी बादल, रफ्तार पर लगा 'ब्रेक': देश में ६४% कम बरसे बदरा, दिल्ली-यूपी समेत १६ राज्यों में बढ़ा इंतजार

हवाओं के अजीब पैटर्न ने रोका रास्ता; सैटेलाइट तस्वीरों में गायब दिखे मानसूनी बादल, महाराष्ट्र और विदर्भ में १७ जून तक हीटवेव का अलर्ट।

15 Jun 2026  |  84

 

 

नई दिल्ली:

देशभर को भीषण गर्मी से राहत देने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सुस्त पड़ गई है। १५ जून को जारी ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने मौसम वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि देश के एक बड़े हिस्से से मानसूनी बादल फिलहाल नदारद हैं। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, ४ जून से १५ जून के बीच देश में सामान्य ५३.७ मिमी के मुकाबले सिर्फ १९.२ मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य से ६४% कम है। मानसूनी गतिविधियां कमजोर होने के चलते दिल्ली, यूपी और बिहार समेत देश के १६ राज्यों में झमाझम बारिश का इंतजार और लंबा हो गया है।

कहाँ ठहर गया है मानसून?

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने दक्षिण भारत को कवर करने के बाद अपनी दिशा बदली थी, लेकिन अब यह दो जगहों पर अटक गया है:

मध्य भारत: महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास मानसून की सीमा ठहरी हुई है।

पूर्वी भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों को कवर करने के बाद यह बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में आकर रुक गया है।

समुद्र में नमी पूरी, फिर क्यों रूठ गए बादल?

मौसम विभाग ने इसके पीछे एक दिलचस्प और चिंताजनक तकनीकी वजह बताई है। IMD के मुताबिक:

"मानसून के कमजोर होने की वजह समुद्र में नमी की कमी नहीं है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी मौजूद है, लेकिन ऊपरी वायुमंडल की हवाओं का पैटर्न असामान्य हो गया है। इस बार पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से अधिक दक्षिण की ओर खिसक गई है। यही वजह है कि मानसून को आगे धकेलने वाली हवाएं प्रभावित हो रही हैं और नमी होने के बावजूद बादल नहीं बन पा रहे हैं।"

हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यह अवरोध हटेगा और मानसून आगे बढ़ेगा। फिलहाल मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं।

अगले दो दिनों (१६ और १७ जून) के मौसम का हाल

भले ही मानसून धीमा है, लेकिन देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून और स्थानीय सिस्टम के कारण बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा:

१६ जून का पूर्वानुमान:

बिहार, झारखंड, ओडिशा और प. बंगाल: गरज-चमक के साथ बारिश के आसार। बिहार में ५० से ७० किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट।

मध्य व पश्चिम भारत: राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में आंधी-तूफान (४०-६० किमी/घंटे की हवाएं) के साथ बारिश की संभावना।

१७ जून का पूर्वानुमान:

सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश जारी रहेगी।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी के साथ बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

एक तरफ राहत, दूसरी तरफ आफत: महाराष्ट्र में लू (Heatwave) का प्रकोप

एक तरफ जहां देश बारिश का इंतजार कर रहा है, वहीं महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गर्मी का टॉर्चर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि:

मराठवाड़ा में १७ जून तक और विदर्भ में १६ जून तक भीषण लू (Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी।

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में १७ जून तक असहनीय उमस और गर्मी रहेगी। इन इलाकों में १६ जून तक रातें भी बेहद गर्म और बेचैन करने वाली रहने का अनुमान है।

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