थाली से दूर हुआ सस्ता प्रोटीन! आंध्र प्रदेश में अंडे और चिकन की कीमतों में जबरदस्त उछाल, ₹10 महंगा हुआ अंडा, चिकन भी चढ़े

बारिश के कारण बढ़ी डिमांड, मई की गर्मी में मुर्गियों की मौत और ईंधन के संकट ने बिगाड़ा रसोई का बजट; अन्य राज्यों में भी दाम बढ़ने की आशंका।

15 Jun 2026  |  111

 

 

अमरावती:

महंगाई की मार अब आम आदमी की थाली पर भी पड़ने लगी है। देश में सबसे बड़े अंडा उत्पादक राज्य, आंध्र प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले एक हफ्ते के भीतर यहाँ अंडे और चिकन की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। प्रोटीन का सबसे सस्ता और सुलभ जरिया माना जाने वाला अंडा अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रहा है।

कितनी बढ़ी अंडे और चिकन की कीमत?

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, बाजार में यह तेजी महज कुछ ही दिनों के भीतर आई है। कीमतों में आए इस बदलाव को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

उत्पादपिछले हफ्ते की कीमतवर्तमान कीमतकुल बढ़ोतरी
अंडा (प्रति दर्जन)₹72 - ₹78₹84 - ₹90₹10 प्रति दर्जन
ड्रेस्ड ब्रॉयलर चिकन₹240 प्रति किलो₹270 प्रति किलो₹30 प्रति किलो

व्यापारियों का बयान: मधुरवाड़ा के एक स्थानीय व्यापारी के. नायडू ने बताया कि पिछले हफ्ते की तुलना में इस हफ्ते अचानक मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने से कीमतों में यह तेज उछाल आया है।

कीमतें बढ़ने की 3 मुख्य वजहें

बाजार विश्लेषकों और स्थानीय कारोबारियों ने इस अचानक आई तेजी के पीछे तीन बड़े कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:

मौसम का बदला मिजाज (बढ़ी मांग): आमतौर पर गर्मियों के दिनों में लोग चिकन-अंडे का सेवन कम कर देते हैं, जिससे मांग घट जाती है। लेकिन इस बार आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में हुई असमय बारिश के चलते मौसम ठंडा हुआ और मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई।

मई में बढ़ी मृत्युदर (घटी सप्लाई): मई महीने में पड़ी भीषण गर्मी के कारण पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की मृत्युदर (Mortality Rate) काफी अधिक रही। इसके चलते बाजार में चिकन और अंडों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।

मिडिल ईस्ट संकट और ईंधन की मार: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की वजह से माल ढुलाई (Transport Cost) महंगी हो गई है, जिसका सीधा असर अंडों और चिकन की लागत पर पड़ा है।

अन्य राज्यों में भी मंडराया महंगाई का खतरा

चूंकि आंध्र प्रदेश देश का सबसे बड़ा पोल्ट्री हब है और यहाँ से बड़े पैमाने पर अंडों का निर्यात अन्य राज्यों व विदेशों में किया जाता है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल का असर जल्द ही देश के अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में देश के दूसरे हिस्सों में भी चिकन और अंडे महंगे होने का अनुमान जताया जा रहा है।

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