10 बसों के धक्के, 9 घंटे का सफर: जानिए फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इजिप्ट की उम्मीद मोहम्मद सलाह के संघर्ष की दास्तान

स्कूल से विशेष अनुमति, रोजाना का अंतहीन सफर और फुटबॉल के प्रति बेपनाह जुनून; आज बेल्जियम के खिलाफ मिशन वर्ल्ड कप का आगाज करेंगे 'इजिप्शियन किंग'।

15 Jun 2026  |  126

 

 

खेल डेस्क:

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के 23वें एडिशन में आज रात फुटबॉल की दुनिया एक बेहद दिलचस्प मुकाबले की गवाह बनने जा रही है। ग्रुप-जी (Group G) के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में इजिप्ट (मिस्र) की टीम भारतीय समयानुसार 16 जून को देर रात 12:30 बजे मजबूत बेल्जियम के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इस पूरे टूर्नामेंट में इजिप्ट की उम्मीदों का सबसे बड़ा बोझ उनके कप्तान और फुटबॉल जगत के ग्लोबल आइकन मोहम्मद सलाह के कंधों पर है।

लिवरपूल के इस हीरो और इजिप्ट के सबसे भरोसेमंद चेहरे को आज दुनिया एक सुपरस्टार के रूप में देखती है, लेकिन इस चमकते मुकाम के पीछे छिपी है अंतहीन संघर्ष, त्याग और पसीने से लिखी एक बेमिसाल कहानी।

रोजाना 10 बसों का सफर और 9 घंटे की मंदी

मोहम्मद सलाह जब महज 14 साल के थे, तब उनका पूरा दिन फुटबॉल की ट्रेनिंग और सफर की कशमकश में बीतता था। अपने सपने को जिंदा रखने के लिए वह हर रोज 9 घंटे का लंबा सफर तय करते थे और इस दौरान उन्हें 10 अलग-अलग बसों के धक्के खाने पड़ते थे। सलाह ने लगातार 4 सालों तक इस थका देने वाली दिनचर्या को मुस्कुराते हुए जिया, जिसने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से एक फौलादी खिलाड़ी बना दिया।

सलाह के शब्दों में शुरुआती सफर: "शुरुआत में मैं अपने गांव से करीब आधे घंटे की दूरी पर स्थित एक लोकल क्लब से खेला। इसके बाद मैंने टांटा क्लब जॉइन किया, जो डेढ़ घंटे दूर था। वहां से मेरा चयन कायरो के 'अरब कॉन्ट्रैक्टर्स' क्लब में हुआ, जो मेरे गांव से साढ़े चार घंटे की दूरी पर था। वहां मुझे हफ्ते में 5 दिन ट्रेनिंग करनी होती थी।"

स्कूल के 2 घंटे और फुटबॉल का जुनून

सलाह के भीतर फुटबॉल को लेकर दीवानगी इस कदर थी कि उनके स्कूल ने भी उनके जुनून को सलाम किया। सलाह सुबह 7 बजे स्कूल पहुंचते थे और महज 2 घंटे बाद (सुबह 9 बजे) ही उन्हें स्कूल से निकलने की विशेष अनुमति (स्पेशल परमिशन) मिल जाती थी, ताकि वह दोपहर 2 बजे तक क्लब पहुंच सकें।

सुबह 07:00 बजे: स्कूल पहुंचना

सुबह 09:00 बजे: स्कूल से ट्रेनिंग ग्राउंड के लंबे सफर पर निकलना

दोपहर 02:30 बजे: ट्रेनिंग ग्राउंड पर पहुंचना

शाम 03:30 से 06:00 बजे तक: मैदान पर कड़ा अभ्यास (ट्रेनिंग)

रात 10:30 बजे: थक-हार कर वापस घर लौटना और अगले दिन फिर यही रूटीन।

113 मैचों का अनुभव और वर्ल्ड कप की कप्तानी

इजिप्ट के लिए अब तक 113 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके मोहम्मद सलाह आज अपनी राष्ट्रीय टीम के निर्विवाद लीडर और कप्तान हैं। इस बार वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी में इजिप्ट का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। बेल्जियम जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ आज रात अपने अभियान की शुरुआत करने के बाद, इजिप्ट को अपने अगले मैचों में क्रमशः न्यूजीलैंड और ईरान की कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

पूरी दुनिया और खासकर मिस्र के करोड़ों फैंस की निगाहें अपने 'इजिप्शियन किंग' पर टिकी हैं, जिसने कभी बसों के धक्के खाकर फुटबॉल का ककहरा सीखा था और आज दुनिया जीतने की दहलीज पर खड़ा है।

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