इंडोनेशिया में 6.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: दहल उठा सेंट्रल सुलावेसी, पालू में दहशत के बीच लोगों ने खाली किए घर

सुबह-सुबह महसूस किए गए जोरदार झटके; सुनामी के डर से तटीय इलाकों से भागे लोग; अधिकारी कर रहे नुकसान का आकलन, जून महीने में दक्षिण-पूर्व एशिया में दूसरी बड़ी भूगर्भीय हलचल।

16 Jun 2026  |  94

 

 

 

जकार्ता / नई दिल्ली।

दक्षिण-पूर्व एशिया में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इंडोनेशिया के सेंट्रल सुलावेसी प्रांत में मंगलवार सुबह भूकंप के बेहद तेज और शक्तिशाली झटके महसूस किए गए। 'नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी' (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.8 मापी गई है। भूकंप के जोरदार झटकों से दहलकर पालू और आसपास के इलाकों में रहने वाले हजारों लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।

सुबह 08:57 बजे कांपी धरती, 45 किमी गहराई पर था केंद्र

भारतीय समयानुसार (IST) मंगलवार सुबह 08:57 बजे आए इस भूकंप की पुष्टि करते हुए नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर विस्तृत डेटा साझा किया। एनसीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 45 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसकी भौगोलिक स्थिति 1.073∘ S अक्षांश और 120.263∘ E देशांतर दर्ज की गई। कम गहराई पर होने के कारण भूकंप के झटके बेहद तीव्र और डरावने थे।

दहशत में आए लोग, तटीय इलाकों से बनाई दूरी

इंडोनेशियाई मीडिया संस्थान 'जकार्ता ग्लोब' की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप आते ही पालू, सिगी, डोंगगाला और टोजो उना-उना जैसे सुदूरवर्ती इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि झटके इतने तेज थे कि घरों में रखा सामान हिलने लगा।

संभावित आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) और समुद्र में सुनामी की लहरें उठने के डर से तटीय (समुद्र तटीय) इलाकों में रहने वाले लोग एहतियात के तौर पर तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

नुकसान का आकलन जारी, टला बड़ा हादसा

राहत की बात यह है कि इतनी तेज तीव्रता के बावजूद अभी तक किसी भी नागरिक के हताहत होने या किसी बड़े बुनियादी ढांचे (इमारतों, पुलों आदि) के ढहने की कोई खबर सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं और भूकंप के जमीनी असर व मामूली नुकसान का बारीकी से आकलन कर रही हैं।

जून महीने में दूसरी बड़ी भूगर्भीय आफत

विशेषज्ञों के लिए चिंता की बात यह है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में जून के महीने में आया यह दूसरा विनाशकारी भूकंप है। इससे ठीक पहले, बीते 8 जून को फिलीपींस में भी 7.7 तीव्रता का एक अत्यंत शक्तिशाली भूकंप आया था। लगातार आ रहे इन बड़े भूकंपों ने पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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