'हार' स्वीकार करने को तैयार नहीं ममता बनर्जी: अब भवानीपुर चुनाव नतीजों को कलकत्ता हाई कोर्ट में दी चुनौती!

"वोटों की गिनती में हुई धांधली और लूट"— टीएमसी प्रमुख का गंभीर आरोप; नतीजों की न्यायिक समीक्षा के लिए खुद पहुंचीं हाई कोर्ट रजिस्ट्री।

16 Jun 2026  |  101

 

कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर कानूनी और सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ममता बनर्जी ने कोर्ट में एक चुनावी याचिका (Election Petition) दायर कर नतीजों को चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि वोटों की गिनती में बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ी की गई थी।

हाई कोर्ट रजिस्ट्री पहुंचीं ममता बनर्जी

चुनावी याचिका की प्रामाणिकता की पुष्टि करने और जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए ममता बनर्जी खुद कलकत्ता हाई कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी मौजूद थे। टीएमसी प्रमुख की ओर से दायर इस याचिका में भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजों की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) करने और वोटों की गिनती की दोबारा जांच करने की मांग की गई है।

"हम हारे नहीं, वोट जबरदस्ती लूटे गए"

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद ही ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने दो टूक कहा था:

"हम चुनाव हारे नहीं हैं। जनादेश को बदला गया है और जबरदस्ती वोटों की लूट की गई है। इस धांधली के खिलाफ हमारी लड़ाई अदालत में जारी रहेगी।"

इसी बयान को आधार बनाते हुए अब टीएमसी ने कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाया है। इससे पहले भी ममता बनर्जी 14 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंची थीं, जिससे इस मामले को लेकर उनकी गंभीरता साफ झलकती है।

 मुख्य विवाद और राजनीतिक पृष्ठभूमि

नतीजों पर सवाल: चुनावी आंकड़ों के अनुसार, इस बेहद कड़े मुकाबले में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। इसी अंतर और काउंटिंग प्रक्रिया को अब टीएमसी ने कोर्ट में कटघरे में खड़ा किया है।

2021 की कानूनी लड़ाई का साया: यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनावी नतीजों के खिलाफ कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी से मिली करीबी हार के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो मामला आज भी अदालत में विचाराधीन है।

आगे क्या?

कलकत्ता हाई कोर्ट में इस याचिका के दायर होने के बाद अब गेंद न्यायपालिका के पाले में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से राज्य में टीएमसी और बीजेपी के बीच की राजनीतिक कड़वाहट और बढ़ेगी। अब देखना यह होगा कि कोर्ट इस याचिका को स्वीकार करते हुए क्या कदम उठाता है और क्या भवानीपुर में वोटों की दोबारा गिनती के आदेश दिए जाएंगे।

अन्य खबरें