महाशक्तियों में महासमझौता! ट्रंप और पेज़ेशकियान ने ऐतिहासिक शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर, खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य

वर्साय पैलेस बना गवाह; दशकों पुरानी दुश्मनी पर लगा विराम, डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ही तत्काल प्रभावी हुआ समझौता।

18 Jun 2026  |  125

 

 

 

पेरिस/वाशिंगटन।

वैश्विक कूटनीति के इतिहास में आज एक ऐसा नया अध्याय जुड़ गया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। धुर विरोधी माने जाने वाले अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी पर आखिरकार विराम लग गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं।

फ्रांस में चल रहे जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिष्ठित 'वर्साय पैलेस' में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस शांति समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही दोनों महाशक्तियों के बीच जारी सैन्य व राजनीतिक शत्रुता पर तुरंत रोक लग गई है।

वैश्विक व्यापार के लिए बड़ी राहत: खुलेगा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'

ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस समझौते पर डिजिटल (इलेक्ट्रॉनिक) हस्ताक्षरों की पुष्टि करते हुए ऐलान किया है कि यह शांति समझौता अब औपचारिक रूप से प्रभावी हो चुका है। इस समझौते के लागू होते ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। इसके तहत रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) को कमर्शियल (वाणिज्यिक) जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।

मैक्रों के साथ डिनर के दौरान ट्रंप ने किया एलान: "यह आसान नहीं था"

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए एक वीडियो क्लिप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वर्साय पैलेस में रात्रिभोज के दौरान बेहद खुशमिजाज अंदाज में समझौते पर हस्ताक्षर करते देखा जा सकता है। व्हाइट हाउस ने भी इस वीडियो को साझा कर घटनाक्रम की पुष्टि की है।

दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा:

"ईरान-अमेरिका के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। मैंने इस पर वर्साय में हस्ताक्षर किए... बस अभी हस्ताक्षर कर दिए। यकीन मानिए, यह बिल्कुल आसान नहीं था।"

पर्दे के पीछे की कहानी: डिजिटल माध्यम ने बढ़ाई रफ्तार

इस महासमझौते की रूपरेखा पिछले रविवार को ही दोनों देशों के बीच तय हो गई थी। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार:

शुरुआती हस्ताक्षर: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने सप्ताहांत में ही इस प्रारंभिक समझौते पर मुहर लगा दी थी।

बदला प्लान: पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक, दोनों पक्षों को इस शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आमने-सामने बैठकर एक औपचारिक हस्ताक्षर समारोह का आयोजन करना था।

डिजिटल तेजी: लेकिन दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा डिजिटल (इलेक्ट्रॉनिक) माध्यम से इसे पहले ही अंतिम रूप दे दिए जाने के कारण इस प्रक्रिया में तेजी आ गई।

वैंस की स्विट्जरलैंड यात्रा अब महज औपचारिक:

एनबीसी न्यूज (NBC News) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के डिजिटल रूप से प्रभावी होने के बाद भी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के स्विट्जरलैंड जाने की उम्मीद है, हालांकि अब वहां उनकी भूमिका संभवतः केवल एक औपचारिक औपचारिकता तक ही सीमित रहेगी।

इस शांति समझौते को इस दशक की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है, जिससे न केवल मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में शांति की नई उम्मीद जगी है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार को भी बड़ी स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

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