अमेरिका-ब्राजील में ठनी! राष्ट्रपति लूला की ट्रंप को दोटूक- 'बोल्सोनारो परिवार को पसंद करते रहिए, पर हमारे चुनाव से दूर रहें'

जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद लूला का ट्रंप पर अब तक का सबसे तीखा पलटवार; कहा- "अगर सिर्फ बोल्सोनारो के जरिए जानते हैं, तो आप ब्राजील को बिल्कुल नहीं जानते।"

18 Jun 2026  |  121

 

 

एवियन-लेस-बेन्स (फ्रांस)।

एक तरफ जहां अमेरिका ने ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौता कर वैश्विक तनाव को कम किया है, वहीं दूसरी तरफ उसके अपने ही पड़ोसी महाद्वीप के सबसे बड़े देश ब्राजील के साथ संबंध बेहद तल्ख हो गए हैं। फ्रांस में आयोजित जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बेहद सख्त लहजे में आगाह किया है। लूला ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि वे ब्राजील में आगामी अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी तरह की दखलंदाजी करने की कोशिश न करें।

"ब्राजील का चुनाव, ब्राजील का अपना मामला"

फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने राष्ट्रपति लूला को ट्रंप का ब्राजील विरोधी बयान पढ़कर सुनाया, तो लूला ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया।

लूला ने सीधे डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा:

"अगर वह बोल्सोनारो परिवार के साथ अपने संबंधों के जरिए ब्राजील को जानते हैं, तो वह ब्राजील को बिल्कुल नहीं जानते। वह बोल्सोनारो (पिता, पुत्र, पोते) को पसंद करते रह सकते हैं। यह मेरी समस्या नहीं, उनकी है। लेकिन वह ब्राजील के चुनावों में दखल न दें, क्योंकि ब्राजील का चुनाव ब्राजील का अपना आंतरिक मामला है।"

क्यों भड़के हैं ट्रंप? जानिए विवाद की असली वजह

दरअसल, दोनों देशों के बीच इस नई तल्खी की वजह ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो और उनके परिवार पर हो रही न्यायिक कार्रवाई है।

तख्तापलट के दोषी: पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को साल 2022 के चुनाव में लूला से हारने के बाद सत्ता में बने रहने के लिए 'तख्तापलट की कोशिश' करने का दोषी ठहराया गया है।

बेटे को जेल: हाल ही में ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने बोल्सोनारो के बेटे और पूर्व सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो को पिता के केस से जुड़े दबाव बनाने के मामले में 4 साल 2 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाया कि एडुआर्डो ने अमेरिकी सरकार से लॉबिंग कराकर ब्राजीलियाई अधिकारियों को धमकी दिलवाई थी।

इस कार्रवाई पर भड़कते हुए ट्रंप ने बुधवार को ब्राजील को “राजनीतिक रूप से खतरनाक” देश बता दिया था और कहा था कि वहां की सरकार "बोल्सोनारो जूनियर" (संभवतः सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो, जो लूला के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे हैं) को गिरफ्तार करना चाहती है।

सुप्रीम कोर्ट के जज पर प्रतिबंध और आर्थिक युद्ध का खतरा

ट्रंप ने जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमों को “विच-हंट” (राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई) करार दिया था। यही नहीं, ट्रंप प्रशासन ने बोल्सोनारो के खिलाफ केस चलाने वाले ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एलेक्जेंडर डी मोरेस पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिस पर लूला ने कड़ी आपत्ति जताई है।

वाशिंगटन में मुलाकात के बाद बढ़े कड़े कदम: हाल ही में बोल्सोनारो के बेटों (एडुआर्डो और फ्लेवियो) ने वाशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील पर चौतरफा दबाव बनाना शुरू कर दिया:

आतंकवादी गुट घोषित: ब्राजील के दो सबसे बड़े ड्रग ट्रैफेकिंग गुटों (फर्स्ट कमांड कैपिटल और रेड कमांड) को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया।

25% टैरिफ की धमकी: दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (ब्राजील) पर अनुचित व्यापारिक तौर-तरीकों का आरोप लगाते हुए ब्राजीलियाई आयात पर 25% का नया भारी-भरकम टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दे दिया।

राष्ट्रपति लूला ने अमेरिका के इन सभी कदमों का पुरजोर विरोध करते हुए इसे ब्राजील की संप्रभुता पर हमला बताया है। इस ताजा कूटनीतिक तकरार ने दक्षिण अमेरिका और अमेरिका के बीच राजनीतिक पारे को चरम पर पहुंचा दिया है।

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